शीशिया पाड़ा स्थित चर्च में गुड फ्राइडे के मौके पर प्रार्थना सभा में मौजूद ईसाई समाज महिलाएं व य
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ईसाई समाज में गुड फ्राईडे का दिन बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। गुड फ्राईडे का अर्थ है शुभ शुक्रवार। इसी उपलक्ष्य में महानगर के विभिन्न चर्च एवं गिरजाघरों में शुक्रवार को गुड फ्राइडे मनाया गया। प्रभु ईसा मसीह के बलिदान को याद करते हुए विश्व शांति के लिए मौन रखा गया और प्रार्थना सभाएं आयोजित की गई।
प्रार्थना सभा के बाद भगवान मसीह की शिक्षाओं पर सभा का आरंभ हुआ। जिसमें ईसाई धर्म के सैंकड़ों अनुयायी चर्च में एकत्रित हुए और मोमबत्ती जलाई। दिनभर चलीं प्रार्थना सभाओं में ईसा मसीह की शिक्षाओं पर प्रकाश डालते हुए प्रेम और क्षमा के महत्व पर बल दिया गया।
चर्च ऑफ एसेंशन घंटाघर में फादर लॉरेंस दास, नकवी पार्क सीएनआई चर्च में अमृता दास, सेंट्रल मेथोडिस्ट चर्च, बन्ना देवी में एसटी गिल एवं यूसुफ दास, शालोम मिशन इंटरनेशनल चर्च गुलशन पार्क, बन्ना देवी में राजेंद्र लाल, फुल गॉस्पेल पेंटेकोस्टल चर्च, क्वार्सी में पास्टर बीके सिंह, जेहोवा निस्सी चर्च, क्वार्सी में जोबिन मैथ्यू के नेतृत्व में गुड फ्राइडे मनाया गया। रविवार को ईस्टर मनाया जाएगा।
आत्मिक बलिदान के रूप से मनाया गुड फ्राइडे
गुड फ्राइडे (हृदयविदारक घटना) को पवित्र बलिदान दिवस के रूप से समस्त चर्चों में मनाया गया। बाईबल प्रचारक गौरव प्रभाकर बताते हैं कि 2023 वर्ष पूर्व प्रभु यीशु मसीह को तत्कालीन महायाजक और फरीसी-सदुकियों द्वारा 39 कोड़े लगवा कर येरूशेलम के गोलगोथा नामक स्थान पर वीभत्स और श्रापित मृत्यदंड दिया गया, जो एक सिद्ध एवं अंतिम पवित्र बलिदान को प्रमाणित करता है।