अतरौली के भाजपा नेता के भतीजों के साथ घर में घुसकर मारपीट के मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष व एमएलसी ऋषिपाल सिंह और उनके पुत्रों को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत में चल रही प्रक्रिया को स्थगित कर दिया है। इस आदेश के बाद एमएलसी पक्ष के खिलाफ जारी गैरजमानती वारंट भी स्थगित माने जाएंगे। इस मामले में अब हाईकोर्ट ने 19 सितंबर नियत की गई है।
वाकया 11 जुलाई 2018 का है। जिसमें अतरौली निवासी भाजपा के पूर्व जिला मंत्री अतुल गुप्ता के नाबालिग भतीजे यश गुप्ता व ऋषभ गुप्ता संग घर में घुसकर मारपीट का आरोप लगा। इस घटना में भाजपा के मौजूदा जिलाध्यक्ष व नवनिर्वाचित एमएलसी चौ. ऋषिपाल सिंह, प्रशांत, बिट्टू, बबलू, गौरव शर्मा, श्याम सुंदर भारद्वाज, ऋषिपाल सिंह के दो पुत्र तपेश उर्फ विवेक चौधरी व विभांशु और विष्णु के नाम प्रकाश में आए थे। पुलिस द्वारा मुकदमे में सुनवाई न करने पर पीड़ित पक्ष ने न्यायालय की शरण ली। इस पर न्यायिक मजिस्ट्रेट अतरौली ने 8 दिसंबर 2021 को सभी आरोपियों को तलब किया था, जिसके खिलाफ सत्र न्यायालय में अपील दायर की गई थी। मगर 6 मई को सत्र न्यायालय ने ऋषिपाल सिंह पक्ष की अपील खारिज कर दी। इसी क्रम में पिछले दिनों अतरौली न्यायालय से सभी के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी किए थे।
इसके खिलाफ ऋषिपाल सिंह पक्ष ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जिस पर हाईकोर्ट की न्यायाधीश मंजू रानी चौहान ने निचली अदालत की प्रक्रिया को स्थगित करने का आदेश जारी किया है। यह आदेश 19 जुलाई को जारी किया है और अब सुनवाई के लिए 19 सितंबर तारीख नियत कर दी है। इस आदेश की पुष्टि ऋषिपाल सिंह के अधिवक्ता प्रताप सिंह राघव एडवोकेट ने की है।
-ये ऐसा विवाद नहीं था। इसे सिर्फ राजनीतिक विद्वेषवश कुछ लोगों ने दूसरों के कंधों पर बंदूक रखकर तूल दिया, जबकि मेरा अतुल गुप्ता से आज भी उसी तरह का पारिवारिक व दोस्ताना रिश्ता है। न्यायालय के आदेश का हमेशा मान और सम्मान है।-ऋषिपाल सिंह, एमएलसी