जिले के 95 गांवों के मवेशियों में लंपी वायरस का प्रकोप है। शनिवार का दिन राहत लेकर आया। पिछले 24 घंटे में बीमारी की चपेट में आने वाले पशुओं की संख्या 216 रही और कहीं से किसी पशु की मौत होने की खबर नहीं मिली। इसके अलावा, देर रात लखनऊ से विभाग को करीब वैक्सीन की 70 हजार डोज उपलब्ध हो गई है।
सोमवार से गांव-गांव पशुओं का सघन टीकाकरण किया जाएगा। अब तक बीमार पशुओं की संख्या करीब 3201 पहुंच गई है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. बीपी सिंह ने बताया कि बीमारी का प्रकोप कुछ कम हो रहा है और बीमारी की रिकवरी भी जल्दी हो रही है।
उन्होंने बताया कि पशुपालन विभाग ने लंपी को लेकर पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है और एडवायजरी जारी की है। उन्होंने बताया कि लंपी के संक्रमण के बाद समय रहते इलाज नहीं हुआ तो मवेशी तड़फकर दम तोड़ देते हैं।
हालांकि, लंपी वायरस से संक्रमित पशु का दूध पीने से इंसान पर असर का कहीं कोई मामला सामने नहीं आया है। उन्होंने कच्चे दूध की बजाए उसे उबालकर ही पीने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि लंपी वायरस के करीब 70 संदिग्ध पशुओं के सैंपल लेकर मथुरा स्थित प्रयोगशाला भेजा गया है।
लंपी से बीमार पशुओं का दूध संभव हो तो कच्चा ही सेवन न करें, बल्कि उसे अच्छी तरह उबालकर ही पीएं। ऐसा करने से वायरस होने पर भी कोई असर नहीं करेगा।
- डॉ. अभिषेक गुप्ता
लंपी से पीड़ित पशु का दूध पीने से अभी तक किसी भी व्यक्ति को कोई बीमारी सामने नहीं आई है। फिर कच्चे दूध की बजाए उसे गर्म करने और उबालने के बाद ही उसका सेवन करें।
- डॉ. ब्रजमोहन सिंह