अकराबाद की रामलीला में रावण के पुतला दहन के समय कमेटी के पदाधिकारी और मंचन करने वाले कलाकार पुतले से कुछ लकड़ियां निकाल लेते हैं। रामलीला के मंचन को विश्राम देने के बाद अस्थि स्वरूप रावण के पुुतले की इन लकड़ियों को गंगा नदी में विसर्जित किया जाता है।
18 अक्टूबर को रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों और कलाकारों ने रावण की अस्थियां नरौरा के नरवज घाट में गंगा नदी में विसर्जित कीं। इसके बाद गंगा घाट पर ही भंडारा कर प्रसाद बांटा।
विज्ञापन
अकराबाद की रामलीला में रावण के पुतला दहन के समय कमेटी के पदाधिकारी और मंचन करने वाले कलाकार पुतले से कुछ लकड़ियां निकाल लेते हैं। रामलीला के मंचन को विश्राम देने के बाद अस्थि स्वरूप रावण के पुुतले की इन लकड़ियों को गंगा नदी में विसर्जित किया जाता है।
रावण का पुतला दशहरा के दिन दहन किया गया था। 12 अक्तूबर राज्याभिषेक के साथ रामलीला को विश्राम दिया गया था। रामलीला के मंचन में स्थानीय कलाकार थे। इनमें से कई दुकानदार हैं। शुक्रवार को बाजार की बंदी रहती है, इसलिए शुक्रवार को सभी कलाकारों सहित रामलीला कमेटी के पदाधिकारी बस से नरौरा के नरवर घाट पहुंचे थे।
विज्ञापन
इस दौरान रामलीला कमेटी के अध्यक्ष भंवरपाल सिंह यादव, राहुल, शर्मा, कुलदीप यादव, विष्णु उपाध्याय, अनिल यादव, अशोक शर्मा उर्फ रावण, अमित वार्ष्णेय, छोटू यादव, जीतू सिंह, चंद्रपाल सेलानी, डाॅ. राकेश बाबू, अमर मौर्य मौजूद रहे।