पला साहिबाबाद में बारिश के बाद हुआ जलभराव।
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तीन दिन से 366 एमएम हुई बरसात ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। हालांकि बुधवार को सोमवार और मंगलवार की अपेक्षा कम बारिश हुई। इससे लोगों को कुछ राहत जरुर मिली। लेकिन तीन दिन से लगातार हो रही बारिश से शहर के तमाम निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नागरिक नगर निगम की ओर से हो रहीं अव्यवस्थाओं के कारण खफा है। स्थानीय नागरिक स्मार्ट सिटी और नाला-नाली की तली झाड़ सफाई के अप्रैल से किए जा रहे दावों पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। कई इलाकों में जलभराव के साथ ही सड़क पर कीचड़ और गंदगी उफन आयी है। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
कई दिनों से सूरज के तेवर तीखे होने से लोगों को गर्मी का अहसास भी हो रहा था। सभी की निगाहें आसमान पर टिकी हुई थी। सोमवार से मौसम ने रुख बदला तो बुधवार तक झमाझम बारिश हुई। हर रोज करीब दो से तीन घंटे की बारिश में ही पूरा शहर ताल-तलैय्या में बदल गया। मंगलवार को फिर से पौने दो घंटे हुई बारिश से शहर के हालात और बिगड़ गए। इतना जरूर है कि लगातार बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल गई। हालांकि कई स्थानों पर जलभराव हो जाने से लोगों को काफी दिक्कतों का भी सामना करना पड़ा। शहर के शाहजमाल, एडीए कॉलोनी, कुलदीप विहार, गोविंद नगर, देवी नगला, 10 फुटा रोड ज्ञान सरोबर, मान सरोबर समेत तमाम निचले इलाकों में बारिश का पानी मकान और दुकानों में घुस गया है। इससे लोगों को दिक्कतें उठानी पड़ी। देहात क्षेत्र में भी बारिश होने से धान की अगैती फसल को काफी नुकसान हुआ है। जबकि दूसरी फसलों के लिए बारिश लाभदायक सिद्ध हो रही है।