राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय अलीगढ़ के प्रयोगात्मक परीक्षा के वाह्य परीक्षक पर सवाल उठा दिए गए हैं। स्ववित्त पोषित महाविद्यालय एसोसिएशन ने विद्यार्थियों को फेल करने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष डॉ. ब्रह्मजीत सिंह, उपाध्यक्ष नरेंद्र भारद्वाज, महामंत्री अजीत गौड़, मंत्री सुमित चौहान, सचिव चंद्रप्रकाश पंचाल, प्रवक्ता डॉ. विनीत कुमार ने बताया कि 300 से 400 किलोमीटर दूर के परीक्षकों को नियुक्त किया गया है, जो यात्रा भत्ता और अन्य भत्तों की भारी भरकम रकम की मांग कर रहे हैं, जो नियमानुसार विश्वविद्यालय को देना होता है, क्योंकि प्रति छात्र 200 रुपये प्रयोगात्मक शुल्क जमा किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जानबूझकर विद्यार्थियों का शोषण किया जा रहा है। आंतरिक परीक्षक महाविद्यालय का अनुमोदित शिक्षक होना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है, बल्कि फेल करने की धमकी दी जा रही है। निजी महाविद्यालयों के प्रबंधकों का कहना है कि बीए और बी.कॉम में कुछ ऐसे विषय हैं, जिनका केवल मूल्यांकन होना चाहिए, लेकिन उसके लिए भी विवि प्रशासन ने आंतरिक और वाह्य परीक्षक नियुक्त किए गए हैं। प्रबंधकों ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से की है।