यूपी-112 के एडीजी अशोक कुमार ने कहा है कि यूपी पुलिस के पीआरवी वाहन बेहद जल्द जीपीएस से लैस होंगे और सभी पीआरवीकर्मी बॉडी वॉर्न कैमरों से सुसज्जित होंगे। इससे पुलिसिंग में सुधार होगा और कानून व्यवस्था के दौरान पुलिस की बेहद मदद होगी। एडीजी अशोक कुमार ने यह बातें मंगलवार को यहां कंट्रोल रूम के निरीक्षण के दौरान कहीं और अलीगढ़ पुलिस के कंट्रोल रूम व यूपी-112 के कार्यों की सराहना की। इस दौरान बच्चा चोरी गैंग की गिरफ्तारी में नगर निगम के कमांड कंट्रोल सेंटर से मिली मदद पर उन्होंने बेहद तारीफ की।
सालाना भ्रमण के लिए आए एडीजी अशोक कुमार ने पुलिस कंट्रोल रूम के अलावा नगर निगम के इंट्रीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यूपी-112 के अभिलेख देखे और कंट्रोल रूम स्थित आरओआईपी व पुलिस लाइन स्थित जिला प्रशिक्षण इकाई(डीटीयू) का निरीक्षण किया। साथ में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे कर्मियों से ट्रेनिंग के संबंध में बात की। इस दौरान प्रशिक्षण प्रदान करा रहे महिंद्रा टेक के प्रशिक्षकों व अत्याधुनिक तरीके से निर्मित भवन व समुचित व्यवस्था की प्रशंसा की। निरीक्षण के दौरान एसएसपी कलानिधि नैथानी, एसपी यातायात सतीश चंद्र, एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत, सीओ नरेंद्र सैनी आदि मौजूद रहे।
नगर निगम के सेंटर ने खुलवाए ये प्रमुख प्रकरण
इस दौरान इंट्रीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के कार्यों की समीक्षा की और सर्विलॉस कैमरे, एटीसीएस पब्लिक अलाउंसमेन्ट सिस्टम, इमरजेंसी कॉलिंग बॉक्स, वैरिवियल मैसेजिंग बोर्ड, इंवायरमेंट सेंसर, स्पीड वायरलेस डिटेक्सन कैमरा, ग्रीन कॉरीडोर, एएनपीआर कैमरे व पीआईए के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान बताया गया कि नवंबर 2020 से माह जुलाई तक सिस्टम के माध्यम से मोबाइल व जंजीर लूट की 3, सवारियों से लूटपाट के 3, कैश लूट व अन्य लूट के 5 घटनाओं और 1 वाहन चोर गिरोह का अनावरण किया है। चोरी के 17 वाहन, दोषपूर्ण नंबर प्लेट के 8 वाहन थाना पुलिस एवं यातायात पुलिस के सहयोग से पकड़े गए। बच्चा चोरी करने वाले गिरोह की गिरफ्तारी में किए गए सहयोग पर एडीजी ने यहां तैनात कर्मचारियों की तारीफ की।
--ये दिए गए निर्देश---
-पीआरवी के रेस्पॉंस टाइम को कम करने के निर्देश।
-पीआरवी के कर्मियों की ड्यूटी बदली को स्थान तय हों।
-पेट्रोल पंपों के पास पीआरवी तैनात करने के निर्देश।
-क्षेत्राधिकारी/थानाध्यक्षों द्वारा सुपरवाइजरी-एप से चेकिंग।
-वाहन चोरी व लूट पर तत्काल इन्ट्रीग्रेटेड कमांड एंड कन्ट्रोल सेन्टर की मदद लें।
-चोरी के वाहन की सूचना तत्काल पीआईए सिस्टम में जोड़ा जाए।
-शहर के मुख्य स्थानों पर लगे इमरजेंसी कालिंग बॉक्स का प्रचार किया जाए।
-वाहन चोरी व अन्य घटनाओं में पीआरवी का सहयोग लिया जाए।