अमुटा के नवनिर्वाचित पदाधिकारीगण
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी शिक्षक संघ (अमुटा) के अध्यक्ष प्रो. मोहम्मद खालिद, सचिव डॉ. ओबैद अहमद और संयुक्त सचिव साद बिन जावेद बन गए हैं। मंगलवार को एएमयू के टीचिंग स्टाफ क्लब में सुबह आठ बजे से मतदान शुरू हो गया। मतदाताओं को अपने पक्ष में मत देने के लिए प्रत्याशियों ने उनसे मनुहार करके उन्हें अपना क्रमांक कार्ड भी दिया। क्लब के गेट से मतदान केंद्र तक प्रत्याशियों ने मतदाताओं से सलाम और दुआ भी की। इससे दोनों के चेहरे पर मुस्कान बिखर जाती। शाम पांच बजे मतदान प्रक्रिया बंद हो गई। थोड़ी देर बाद मतगणना शुरू हो गई।
इतने मिले मत
अध्यक्ष पद के प्रत्याशी प्रो. मोहम्मद खालिद ने (590) प्रो. निसार अहमद को (488) को 102 मत से हरा दिया। सचिव पद के प्रत्याशी डॉ. ओबैद अहमद सिद्दीकी (558) ने डॉ. अशरफ मतीन (521) को 37 मत से शिकस्त दी। संयुक्त सचिव पद के प्रत्याशी ने साद बिना जावेद (455) ने जमील अहमद (429) को 26 मत से हरा दिया। रफी उद्दीन (176) मत मिले।
17 में चुने गए आठ सदस्य
नाम मत
नाजिश बेगम 697
अब्दुल अजीज खान 512
सबीहा तबस्सुम 665
मोहम्मद फुरकान 440
मोहम्मद दानिश 495
सूफिया नसीम 543
कलीम अहमद 470
सिद्धार्थ चक्रवर्ती 497
इंतजामिया के अवैध चुनाव के दावे बेदम, शिक्षकों की एकजुटता ने दिखाया दम
एएमयू शिक्षक संघ चुनाव में शिक्षकों की एकजुटता ने जो दम दिखाया है, उससे इंतजामिया बेदम नजर आया। शिक्षकों में चुनाव को लेकर जबर्दस्त उत्साह था। सुबह आठ बजे से मतदान को लेकर जो रफ्तार शुरू हुई, जो शाम पांच बजे तक जारी रहा। इंतजामिया शिक्षकों के चुनाव को अवैध घोषित करके चुनाव प्रक्रिया को रोकना चाहती थी। इसके लिए एएमयू जनसंपर्क विभाग ने सोमवार को रात डेढ़ बजे अपने फेसबुक आईडी से 23 मई को चुनाव हो रहा है, उसे इंतजामिया स्वीकार्य नहीं करेगी, जिसका संदेश जारी कर दिया। यह संदेश चुनाव से ठीक साढ़े सात घंटा पहले जारी किया गया था। इंतजामिया से जुड़े शिक्षकों ने भी मतदान किया। इंतजामिया ने शिक्षकों के शिक्षक संघ चुनाव प्रक्रिया को अवैध घोषित करके नया चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया। 31 जुलाई से चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी। 12 अगस्त को मतदान और मतगणना होगी। शिक्षकों ने लोकतंत्र का जश्न बताया, जिसकी अब तक हत्या की जा रही थी। चुनाव के दौरान ईद जैसा माहौल था।
चुनाव के नतीजे आने के साथ ही एएमयू परिसर में लोकतंत्र बहाल हो गया है। शिक्षकों, समाज और राष्ट्र निर्माण में कार्य किया जाएगा। एएमयू में अल्पसंख्यक दर्जा को लेकर एक बार फिर से आवाज मुखर होगी। -प्रो. मोहम्मद खालिद, अध्यक्ष अमुटा