नगर निकाय चुनाव की अंंतिम आरक्षण सूची जारी होने और चुनाव कार्यक्रम तय होने के बाद राजनीतिक सरगर्मियां और तेज हो गई हैं। दावेदारों ने टिकट के लिए और ज्यादा भागदौड़ शुरू कर दी है। राजनीतिक दल भी और जोर-शोर से तैयारी मेंं जुट गए हैं। इधर, कुछ राजनेताओं को यह उम्मीद थी कि अंतिम आरक्षण में कुछ फेरबदल हो जाएगा, लेकिन हाथरस में किसी भी नगर पालिका और नगर पंचायत में अध्यक्ष पद के लिए यह फेरबदल नहीं हुआ और इन नेताओं की रही-सही उम्मीद भी टूट गई।
नगर निकाय चुनाव का कार्यक्रम रविवार की शाम को घोषित हो गया। साथ ही अंतिम आरक्षण भी घोषित हो गया। हाथरस जिले में नगर निकाय के लिए 11 मई को मतदान होगा। इसकी जानकारी मिलते ही राजनेता और ज्यादा सक्रिय हो गए। भाजपा, बसपा, सपा, कांग्रेस, आप, रालोद चुनाव लड़ने की काफी समय पहले से तैयारी कर रहे हैं। हालांकि इस तैयारी में भाजपा सबसे आगे है। सभासद से लेकर नगर निकाय के अध्यक्ष पद के लिए सबसे ज्यादा दावेदार भाजपा में हैं। अन्य दलों में भी आवेदन आए हैं।
इधर, चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के बाद ही दावेदार और ज्यादा सक्रिय हो गए। इन दावेदारों ने खुद को प्रत्याशी बताते हुए प्रचार-प्रसार भी शुरू कर दिया। वहीं जिले मेंं हाथरस और सिकंदराराऊ दो नगर पालिकाएं हैंं। इसके अलावा मेंडू, सासनी, पुरदिलनगर, सहपऊ, सादाबाद, हसायन और मुरसान नगर पंचायतें हैं। इनके अध्यक्ष के आरक्षण में फेरबदल नहीं किया गया है। कुछ नेताओं को उम्मीद थी आरक्षण में फेरबदल से वह चुनाव लड़ सकेंगे, लेकिन उनकी उम्मीदों पर पानी फिर गया।