एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत के अनुसार साइबर पोर्टल पर आ रही शिकायतों पर साइबर सेल की मदद से हुई जांच में गांधीपार्क थाने के मोती मिल कंपाउंड व सिविल लाइंस थाने के मथुरा नगर में किराये के मकानों में कॉल सेंटर संचालन की जानकारी मिली। जांच में उजागर हुआ कि सूर्य सरोवर रमेश विहार थानाक्षेत्र क्वार्सी के रहने वाले दंपती देवेंद्र और मालती इन दोनों कॉल सेंटरों का संचालन अपनी निगरानी में करा रहे हैं। दोनों जगह अलग- अलग टीमें काम करती हैं। यह गैंग एक प्रमुख वैवाहिक साइट की तर्ज पर उससे मिलती जुलती डिजाइन की बेस्ट पार्टनर, पार्टनर, माई पार्टनर, विवाह डॉटकाम नाम की वेबसाइट बनाकर ठगी करते थे। पहले ये वैवाहिक विज्ञापन पर आवेदन करने वाले पुरुषों से रजिस्ट्रेशन के नाम पर वसूली करते थे, फिर गिरोह की महिलाएं फर्जी दुल्हन बनकर बातचीत के दौरान उनसे ठगी या ब्लैकमेलिंग करती थीं। मोती मिल कंपाउंड में एक किराये के मकान में, जबकि मथुरा नगर में सलिल कुमार के मकान में किराये पर यह सेंटर चल रहा था। दोनों जगह पुलिस टीमों ने छापा मारा, जहां मोती मिल से पांच व मथुरा नगर से दंपती सहित आठ लोग गिरफ्तार किए। पूछताछ के बाद शाम को रिमांड मजिस्ट्रेट के समक्ष पेशी के बाद सभी को जेल भेज दिया गया।
ये हुए गिरफ्तार
देवेंद्र व मालती के अलावा, मोती मिल कंपाउंड के सेंटर की निगरानीकर्ता हजीरा, तुर्कमान गेट की सिदरतिला मुंतहा, सूर्य सरोवर की कनिका शर्मा, बरौला की मधु राजपूत, बैंक कालोनी क्वार्सी की स्नेहा सिंह, जीवनगढ़ की सुमाइला, सारसौल की दीपिका, घनश्यामपुरी की लक्ष्मी, किशनपुर की मोनिका शर्मा, इंदिरा नगर की नम्रता, फदलपुर अतरौली की अंकिता, घनश्यामपुरी की सपना शामिल हैं। गिरफ्तार महिलाओं में एक निगरानी कर्ता है, जबकि बाकी सभी कॉलर हैं। इनको 10 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन व ठगी की गई रकम में से 5 से 10 फीसदी कमीशन मिलता था।
छापेमारी में बरामद सामान
तीन चेक बुक, एटीएम कार्ड, करीब 52 हजार कैश, 28 सिम कार्ड, 37 मोबाइल, 12 रजिस्टर, छह पीसी, दो प्रिंटर, दो राऊटर, छह सीपीयू, आठ मोनीटर, तीन माउस, छह की-बोर्ड, 9 डाटा शीट, 21 कॉपी, एक फ्लेक्स बोर्ड आदि
पिछले कुछ दिनों से साइबर सेल पर मिली शिकायतों को संज्ञान में लेकर जांच की गई। इसी जांच में यह खुलासा हुआ है। इससे जुड़े अन्य नेटवर्कों पर भी टीम काम कर रही हैं।
कलानिधि नैथानी, एसएसपी