दो दिन पहले गांव जामनका में दो समुदायों के बीच हुई पथराव की घटना में शामिल आरोपियों की तलाश में दबिश देने गई पुलिस से एक समुदाय के लोगों ने अभद्रता और धक्कामुक्की कर दी। एक दरोगा की बाइक क्षतिग्रस्त कर दी गई। इस दौरान आरोपी पक्ष के दो युवक भी पुलिस को घायल हालत में मिले हैं, जिन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
सोमवार रात करीब आठ बजे हुई हुई इस घटना की सूचना पर सीओ गभाना थाना चंडौस के अलावा, लोधा, पिसावा, गभाना, खैर और जट्टारी चौकी की पुलिस और पीएसी के साथ गांव में पहुंच गए। तनावपूर्ण माहौल में पुलिस गांव में डटी हुई है।
दरअसल, जामनका में शनिवार रात गांव के बाहर स्थित चबूतरे पर स्थापित देव मूर्ति के पास बैठकर शराब पीने से रोकने पर दो समुदायों के बीच संघर्ष हो गया था। इसमें हुए पथराव में चार लोग घायल हो गए थे। एक घायल दीपक की तहरीर पर सलमान, हसीम, सहीर, हकीम, हामिद, अलीहसन, फिदा हुसैन के अलावा छह अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
नामजद आरोपियों को गांव में होने की सूचना पर सोमवार रात को पुलिस पहुंची थी। आरोपी पुलिस को नहीं मिले तो थाने की गाड़ी लौट गई। एक दरोगा और कुछ पुलिस कर्मी गांव में रुके थे, तभी एक आरोपी अलीशेर पुलिस के हाथ लग गया।
पुलिस का कहना है कि यह नामजद नहीं था, लेकिन घटना में शामिल था। पुलिस उसे लेकर चलने लगी तो महिलाओं और पुरुषों ने विरोध किया और पुलिस से धक्कामुक्की की। विरोध के बीच अलीशेर को थाने भेज दिया गया। इस दौरान मौके पर छूट गई दरोगा की बाइक में अलीशेर पक्ष के लोगों ने तोड़फोड़ कर दी। इस दौरान दो युवक हाशिम और उसके भाई सद्दाम पुलिस को घायल अवस्था में मिले। इनके परिजनों ने दूसरे समुदाय के लोगों पर इन्हें पीटकर घायल करने का आरोप लगाया है।
पुलिस ने दोनों को उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया। सीओ गभाना संजीव तोमर ने बताया कि आरोपी को पकड़कर ले जाते समय भीड़ ने पुलिस को घेर लिया था। पुलिस के साथ धक्कामुक्की की। घायल युवकों के साथ किसी ने मारपीट नहीं की है। यह दोनों पुलिस को देखकर भाग रहे थे, इस दौरान गिरकर घायल हो गए। एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जिसकी विवेचना और आरोपियों की तलाश में पुलिस गई थी। पुलिस के साथ अभद्रता की गई। गांव में फोर्स भेजा गया है।