मलखान सिंह जिला अस्पताल में डॉक्टर बाहर की दवाएं लिख रहे हैं और अस्पताल के जन औषधि केंद्र पर अन्य बाहरी दवाएं रखकर बेची जा रही हैं। इस तरह की शिकायतों का डीएम ने संज्ञान लेते हुए सीएमएस को जांच के निर्देश दिए हैं। इस पर सीएमएस ने जांच समिति गठित कर दी है और हर पहलू पर गंभीरता से जांच कराई जा रही है। ताकि इन गड़बड़ियों में शामिल लोगों पर कार्रवाई हो सके।
यह शिकायत पिछले दिनों भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के नासिर अली नकवी की ओर से की गई। इसमें बताया गया कि अस्पताल परिसर में शासन स्तर से वाहन स्टैंड का ठेका प्रतिबंधित है। बावजूद इसके यहां ठेका संचालित है। जिसके जरिये वाहन लेकर आने वालों से वसूली की जाती है। इसके अलावा शिकायत में टीबी अस्पताल के सामने वाले कंडम घोषित आवासीय परिसर में बाहरी लोग रह रहे हैं, जिनके द्वारा खुलेआम अवैध धंधे किए जाते हैं।
उनकी आड़ में अनैतिक कार्य करने वाले अक्सर मरीजों व तीमारदारों से छीना झपटी करते हैं। इनमें कुछ अस्पताल के लोगों की शह होने के कारण सभी लोग चुप्पी साधे रहते हैं। इसके अलावा सर्जरी कक्ष, हड्डी कक्ष, ईएनटी कक्ष, चर्म रोग कक्ष से खुलेआम बाहर की दवाएं लिखी जा रही हैं और बाहर के अपने एजेंटों से उन्हें खरीदवाया जाता है। साथ में उनके कक्ष में अनधिकृत लोग भी बैठकर उपचार करते हैं। शिकायत में बाहर से दवाएं लिखे जाने के साक्ष्य भी दिए गए हैं।
इसके अलावा 108 एंबुलेंस सेवा के बावजूद बाहरी एंबुलेंस का संचालन अस्पताल परिसर से संचालित हैं। जन औषधि केंद्र पर बाहर की दवाएं रखकर बेची जा रहीं हैं। विभाग में काली सूची में दर्ज कंपनी द्वारा भोजन वितरण किया जा रहा है। इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए डीएम ने सीएमएस को निर्देशित किया है। जिस पर एक जांच समिति बनाई गई है। सीएमएस डा.ईश्वर देवी बत्रा ने स्वीकारा कि सभी विषयों पर समग्रता से जांच कराई जा रही है। जांच के आधार पर अधिकारियों के निर्देश के अनुसार कार्रवाई तय की जाएगी।