कोतवाली पुलिस ने अलीगढ़ निवासी कारोबारी सुरेंद्र जिंदल के अपहरण के बाद फिरौती लेकर छोडऩे के मामले का 15 दिन बाद पर्दाफाश किया है। पुलिस ने अपहरण करके फिरौती वसूल करने वाले एक बदमाश को दबोचा है। इससे एक तमंचा व 10 हजार रुपये बरामद किए हैं। वहीं पांच आरोपी अभी फरार हैं। एसपी ग्रामीण अतुल शर्मा ने प्रेस वार्ता में बताया कि मंगलवार को इंस्पेक्टर मानवेंद्र त्यागी के नेतृत्व में एसआई चरन सिंह ने हाथरस रोड पर तोछीगढ़ मोड से आरोपी संतोष पुत्र रामबिहारी निवासी गांव महामौनी थाना मुरसान (हाथरस) को पकड़ा था। इसके कब्जे से एक तमंचा व 10 हजार रुपये बरामद करने का दावा किया गया है।
कारोबारी से वसूली गई फिरौती की धनराशि में से इसके हिस्से में 80 हजार रु पये आए थे। 70 हजार इसने खर्च कर लिए। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जेल भेजा गया है। घटना के मुख्य सरगना जयपाल पुत्र परसादीलाल निवासी नगला हरिकन्ना थाना इगलास, विनोद जाट पुत्र राजवीर सिंह निवासी महामौनी थाना मुरसान (हाथरस), विनोद निवासी पथैना, भरतपुर (राजस्थान), पिंटू निवासी राया (मथुरा), राकेश निवासी लालपुर थाना इगलास फरार है। इनकी गिरफतारी के लिए दबिश दी जा रही है।
एसपी ने बताया कि अपहरण की योजना राकेश व जयपाल ने मिलकर वर्ष 2017 में बनाई थी। इसके बाद जयपाल जेल चला गया। लॉकडाउन से पहले जेल से छूटकर आने पर उसने पिंटू को योजना बताई। इसके बाद संतोष के घर पर सभी आरोपितों ने फैक्ट्री मालिक के अपहरण के बाद मोटी रकम वसूलने की योजना बनाई थी। विनोद जाट पुलिस में सिपाही था,जो बर्खास्त चल रहा है। फरार आरोपित विनोद जाट, जयपाल, विनोद के ऊपर एसएसपी ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
पकड़े गए आरोपी संतोष पर हाथरस, आगरा, अलीगढ़ जनपद में अपहरण, लूट, धोखाधड़ी, हत्या का प्रयास, गुंडा एक्ट के संबंध में 20 मुकदमे दर्ज है। विदित रहे कि थाना गांधी पार्क के मुहल्ला शीशिया पाडा निवासी स्क्रैप व्यवसायी सुरेन्द्र जिंदल 16 जून को अपनी भौंरा गौरवा स्थित हरी लक्ष्मी एलॉयल स्क्रैप फैक्टरी जाने के लिये अलीगढ़ से अपनी गाड़ी से आ रहे थे। रास्ते में भौंरा मोड़ के समीप स्थित एक कोल्ड स्टोर के समीप पीछे से स्कार्पियो गाड़ी लगाकर रोक लिया था।
व्यवसायी को बदमाशों ने खुद को एसओजी टीम से बताते हुए कहा था कि तुमहारे खिलाफ कोतवाली इगलास में वांरट है। व्यवसायी के विरोध करने के बाद भी पुलिस वर्दीधारी गैंग ने फैक्टरी जाते समय भौरा गौरवा मोड़़ से कार सहित अपहरण कर लिया था। व्यवसायी से उसके ही फोन से घर पर फोन कराकर उसकी पत्नी लक्ष्मी देवी बात कराकर फिरौती में छह लाख रुपए की रकम वसूलने के बाद छोड़ा था।
पुलिस से बर्खास्त सिपाही है विनोद जाट मास्टरमाइंड, जो फरार चल रहा है
अलीगढ़। व्यापारी के अपहरण में फरार बदमाश विनोद जाट पुलिस का बर्खास्त सिपाही है और पिछले कुछ वर्षों में कई जघन्य वारदातों को अंजाम दे चुका है। मूल रूप से हाथरस के मुरसान के आसपास के क्षेत्र का रहने वाला विनोद जाट सन 2016 में पुलिस से बर्खास्त कर दिया गया था। उस पर आरोप था कि वह अपराधियों को मदद पहुंचाता है । इस अपहरण कांड में वह अभी भी फरार चल रहा है और वही इस कांड का मास्टरमाइंड है। पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है। माना जा रहा है कि उसके पुलिस में कुछ कनेक्शन अभी भी काम कर रहे हैं।
व्यापारी के पूर्व कर्मचारी राकेश ने विनोद जाट को पूरा मामला सौंप दिया था
अलीगढ़। व्यापारी के अपहरण कांड में विनोद जाट को सुराग देने में व्यापारी के ही यहां काम करने वाले राकेश नाम की एक कर्मचारी की एवं भूमिका है राकेश नाम के इस कर्मचारी को व्यापारी की प्रत्येक गतिविधि मालूम थी और वह उसके कारोबार के बारे में भली-भांति परिचित था राकेश नहीं यह पूरा मामला विनोद जाट को सौंपा इसके बाद विनोद जाट ने इस अपहरण कांड की स्क्रिप्ट तैयार कर डाली पूरी प्लानिंग विनोद जाट ने राकेश के सहयोग से की और घटना को अंजाम भी विनोद जाट ने दीया