रेलवे ने विश्व प्रसिद्ध धार्मिक आस्था के केंद्र खाटू श्याम को सीधे रेलवे नेटवर्क से जोड़ने की मंजूरी दे दी है। खाटू श्याम के दर्शन के लिए प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में श्रद्धालु विभिन्न माध्यमों से दर्शन के लिए आते हैं।
उत्तर मध्य रेलवे एनसीआर के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय ने बताया कि राजस्थान के रींगस के समीप स्थित बाबा खाटू श्याम मंदिर पर रोजाना करीब 30 हजार श्रद्धालु दर्शनार्थ आते हैं। शुक्रवार से लेकर रविवार तक चार से पांच लाख श्रद्धालु आते हैं। एकादशी के दिन करीब 10 लाख श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। 15 दिवसीय मेले में करीब 40 लाख श्रद्धालु आते हैं।
यह मंदिर सबसे ज्यादा श्रद्धालु वाले भारतीय मंदिरों में एक है। रेल मार्ग से आने वाले श्रद्धालु रींगस तक रेल से आते हैं। उसके पश्चात वह विभिन्न साधनों से खाटू श्याम तक पहुंचते हैं। रींगस से खाटू तक का सफर सुगम एवं सुरक्षित बनाने के लिए रेलवे ने सांस्कृतिक धरोहर एवं धार्मिक आस्था के केंद्रों को जोड़ने की योजना के तहत रींगस से खाटू श्याम तक नई रेल लाइन के सर्वे को मंजूरी प्रदान कर दी है।
उन्होंने बताया कि सर्वे का काम शीघ्र ही पूरा करके इस नई रेल लाइन के काम को स्वीकृति देकर कार्य प्रारंभ किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को जल्द से जल्द खाटू श्याम तक रेल सुविधा मिल सके। उन्होंने बताया कि रेलवे ने प्रधानमंत्री के मिशन विरासत और विकास के तहत धार्मिक स्थलों तक रेल को पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।