गंगीरी ब्लॉक के सलगवां गांव में विकास कार्यों के नाम पर लाखों रुपये का घपला सामने आया है। जिला पंचायती राज अधिकारी की जांच में व्यक्तिगत शौचालय से लेकर हैंडपंप री-बोर कराने में भारी कमियां सामने आई हैं। विद्यालय की बाउंड्रीबाल बनाने के नाम पर गड़बड़ी मिली है। इस पर पंचायत सचिव सत्येंद्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
गांव सलगवां निवासी सत्यवीर सिंह ने डीएम इंद्र विक्रम सिंह को शिकायत करते हुए ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के नाम पर अनियमितता का आरोप लगाया था। डीएम ने डीपीआरओ धनंजय जायसवाल को जांच के आदेश दिए थे। डीपीआरओ ने 23 सितंबर को गांव में जाकर जांच-पड़ताल की।
आदेश के बाद भी सलगवां के पूर्व सचिव एवं प्रधान मौके पर नहीं मिले। डीपीआरओ ने अन्य कर्मचारियों की मौजूदगी में जांच शुरू की। इसमें साफ हुआ कि गांव के आठ अपात्र लाभार्थियों को 12 हजार रुपये प्रति शौचालय के हिसाब से धनराशि आवंटित की गई है, लेकिन शौचालयों का निर्माण नहीं हुआ है। इसमें 96 हजार का गबन होना पाया गया।
इसी तरह हैडपंप रीबोर में भी करीब 36 हजार की धनराशि का दुरुपयोग पाया गया। मनरेगा के तहत 2021-22 में विद्यालय की दीवार निर्माण कार्य में 65 हजार से अधिक की धनराशि का अधिक खर्च मिला। टाइड फंड व पंचायत भवन के निर्माण में भी अनियमितताएं सामने आइं। डीपीआरओ धनंजय जायसवाल ने बताया कि पंचायत सचिव की जांच के लिए धनीपुर के एडीओ पंचायत को नामित किया गया है।