इसी तरह डॉक्यूमेंट्री के लिए 15 हजार और म्यूजिक या वीडियो शूटिंग के लिए 10 हजार रुपये रोजाना के हिसाब से निर्धारित किया गया है। यूनिवर्सिटी के संस्थापक सर सैयद अहमद खान और यूनिवर्सिटी पर कोई डॉक्यूमेंट्री बना रहा है, तो उससे भी शुल्क भी लिया जाएगा। अगर कोई यूनिवर्सिटी में शूटिंग कर रहा है, तो उसकी स्क्रिप्ट यूनिवर्सिटी प्रशासन को दिखानी होगी।
अनुमति के बाद ही शूटिंग शुरू हो सकेगी। एएमयू के सांस्कृतिक शिक्षा केंद्र के समन्वयक प्रो. एफएस शीरानी ने कहा कि यूनिवर्सिटी में शूटिंग के लिए निर्माता व निर्देशक से फीस ली जाएगी। हालांकि, अन्य विश्वविद्यालय में शूटिंग के लिए निर्माता व निर्देशक से फीस ली जा रही है। उन्होंने कहा कि कुछ शर्तों के आधार ही निर्माता व निर्देशक को यूनिवर्सिटी में शूटिंग की इजाजत दी जाएगी।