हाथरस में आम के बाग से 135 क्विंटल चावल पकड़ा गया था। मामले में नामजद ने कहा कि चावल किसानों से बकायदा मंडी शुल्क और कर जमा कर खरीदा है। उनके पास चावल खरीद के ई बिल मौजूद हैं। बाग में चावल के 330 कट्टे थे, जिनमें 198 क्विंटल चावल भरा था, लेकिन अधिकारियों ने बरामदगी 135 क्विंटल की दिखाई है। सवाल उठता है कि बाकी का चावल कहां है।
आम के बाग से कालाबाजारी के शक में 275 चावल के कट्टे पकड़े जाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। नामजद अब्दुल जब्बार का कहना है कि उन्होंने यह चावल किसानों से बकायदा मंडी शुल्क और कर जमा कर खरीदा है। उनके पास चावल खरीद के ई बिल मौजूद हैं।
विज्ञापन
जब्बार ने आरोप लगाया कि बाग में चावल के 330 कट्टे थे, जिनमें 198 क्विंटल चावल भरा था, लेकिन अधिकारियों ने बरामदगी 135 क्विंटल की दिखाई है। सवाल उठता है कि बाकी का चावल कहां है। जब्बार का कहना है कि वह इस मामले को लेकर न्यायालय जाएंगे। उन्होंने सरकार के नियम के हिसाब से किसानों से चावल खरीदा था।
सरकार के किसान पोर्टल पर जिंस की लिस्ट में चावल की खरीद की जा सकती है। उन्होंने मंडी की फर्म मुल्ला जी एंड कंपनी की मार्फत ई बिल से यह चावल खरीदा था। उनके पास पूरे माल के ई बिल मौजूद हैं। जब्बार ने कहा कि चावल राशन के नहीं हैं। जिन कट्टों में चावल बरामद किया गया है, वह सरकारी माल के कट्टे नहीं हैं। अगर वह सरकारी कट्टे हाेते तो वह दोषी होते। उन्हें फंसाने और बदनाम करने की नीयत से ऐसा किया गया है।