महानगर के सिविल लाइंस इलाके के चर्च कंपाउंड के एक आवास में गैर क्रिश्चियन लोग प्रार्थना कर रहे थे। इस खबर पर पुलिस में खलबली मच गई। सीओ-इंस्पेक्टर फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। जांच व पूछताछ में सभी लोगों ने अपनी मर्जी से प्रार्थना में शामिल होने आने की बात स्वीकारी और धर्म परिवर्तन जैसे अंदेशे को सिरे से नकारा। फिलहाल पुलिस ने सभी को उनके घरों पर भेज दिया है।
वाकया देर शाम का है। किसी के जरिये पुलिस तक खबर पहुंची कि चर्च कंपाउंड के एक मकान में दो से तीन दर्जन गैर क्रिश्चियन लोग एकत्रित हैं। उन्हें धर्म परिवर्तन के इरादे से प्रार्थना कराई जा रही है। सीओ तृतीय अमृत जैन, इंस्पेक्टर सिविल लाइंस पहुंच गए। वहां करीब 20-25 महिला-पुरुष मिले, जो शहर के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं।
सभी गैर क्रिश्चियन हैं। जब इन लोगों से पूछा गया तो बताया कि यहां प्रत्येक शुक्रवार को प्रार्थना होती है। वे इसमें अपनी इच्छा से शामिल होने आते हैं। कोई चंद माह से आ रहा है तो कोई कुछ वर्षों से आ रहा है। मगर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करने जैसी बातों को सभी ने सिरे से नकार दिया।
जिस घर में प्रार्थना हो रही थी, उसके मालिक और इन सभी लोगों ने बताया कि वे सिर्फ लड़ाई, झगड़े से दूर रहने, बुरे कर्मों से दूर रहने का संदेश लेने व मन की शांति के लिए इस प्रार्थना में शामिल होते हैं। पुलिस के समक्ष तर्क दिया कि ईश्वर एक है, उसके रूप अनेक हैं। यही मानते हुए वे लोग प्रार्थना में आते हैं।
इसके बाद पुलिस ने सभी के नाम, पते व मोबाइल नंबर अंकित किए और उनके घरों को भेज दिया। सीओ तृतीय अमृत जैन ने बताया कि मामले में जिस तरह का अंदेशा जताया गया है, यह बात नहीं है। सभी लोग अपनी मर्जी से सिर्फ प्रार्थना में आते हैं, ऐसा उन्होंने स्वीकारा है। फिर भी पूरे मामले में बारीकी से तहकीकात कराई जा रही है।