क्वार्सी क्षेत्र के नौ वर्ष पुराने बहुचर्चित हरपाल हॉस्पिटल संचालक डॉ. नरेंद्र चौधरी हत्याकांड में अदालत ने डॉ. नताशा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। बता दें कि प्रकरण में न्यायालय ने डॉ. नरेंद्र की पत्नी डॉ. नताशा पर लगे आरोपों का संज्ञान लेते हुए उन्हें प्रस्तावित अभियुक्त के तौर पर धारा 319 के तहत तलब किया था। मगर हाजिर न होने पर गैर जमानती वारंट जारी कर अब 24 अप्रैल अगली तारीख नियत की है।
यह घटना 24 सितंबर 2014 की देर रात की है। केला नगर रोड स्थित हरपाल हॉस्पिटल संचालक डॉ. नरेंद्र चौधरी की गोली मारकर हत्या की गई। इस मामले में नरेंद्र की मां शकुंतला देवी की तहरीर पर क्वार्सी में मुकदमा दर्ज किया गया। मुकदमे में मनोज उर्फ सोनू, राहुल, शीलू उर्फ सर्मिस्टर, शोभित नागपाल आरोपी बने और उन्हीं के खिलाफ न्यायालय में चार्जशीट दायर की गई। चार्जशीट के आधार पर मुकदमे का ट्रायल एडीजे प्रथम की अदालत में शुरू हुआ।
इधर, ट्रायल के दौरान वादी की पहली गवाही के बाद दूसरी गवाही डॉ. नरेंद्र की पत्नी डॉ. नताशा की ओर से देने की अर्जी न्यायालय में दी गई, जबकि वह चार्जशीट में बतौर गवाह नहीं थीं। इसके प्रतिपक्ष में नरेंद्र की मां शकुंतला देवी की ओर से न्यायालय में धारा 319 के तहत अर्जी डॉ. नताशा के खिलाफ दी गई। जिसमें आरोप लगाया कि डॉ. नताशा पिछले काफी समय से डॉ. नरेंद्र से अलग गाजियाबाद में रह रही थीं। किसी तरह घटना की सूचना पर रात 2 बजे सीधे वरुण हॉस्पिटल पहुंचीं। जहां उन्होंने बुजुर्ग मां से खाली कागज पर हस्ताक्षर कराकर अपनी मनमर्जी तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करा दिया।
आरोप है कि नताशा ने संपत्ति के लिए अपने एक परिचित विपिन गौड़ के साथ मिलकर यह हत्या कराई है। न्यायालय में इसे लेकर नताशा को प्रस्तावित अभियुक्त के रूप में तलब किया था। मगर लगातार दो तारीखों पर वे हाजिर नहीं हुईं। इस पर बुधवार को अदालत ने नताशा के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करते हुए 24 अप्रैल तारीख नियत की है। इस मामले में अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे एडीजीसी प्रमेंद्र जैन ने पुष्टि की है।