संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज लखनऊ के न्यूरोसर्जरी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. वीके जैन ने कहा कि जेएन मेडिकल कॉलेज लोगों को न्यूरो चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करा रहा है। लेकिन रोगियों की बढ़ती संख्या के आधार पर इसे और अधिक विस्तार देने की जरूरत है।
प्रो.जैन एएमयू के न्यूरोसर्जरी विभाग की ओर से अलीगढ़ एसोसिएशन ऑफ न्यूरो साइंसेज के सहयोग से हुए न्यूरो अपडेट सम्मेलन में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जेएन मेडिकल कॉलेज एएमयू में न्यूरो साइंसेज संस्थान की स्थापना होनी चाहिए। गंगाराम अस्पताल दिल्ली के न्यूरोसर्जरी के उपाध्यक्ष डॉ. अजीत सिन्हा ने सेरेब्रल एन्यूरिज्म, मेदांता, गुरुग्राम के न्यूरोसर्जरी के सह निदेशक डॉ. अनिर्बान बनर्जी ने पार्किंसंस रोग के रोगियों में गहरी मस्तिष्क उत्तेजना, अमृता हॉस्पिटल फरीदाबाद के न्यूरो सर्जरी के सलाहकार डॉ. सत्यकाम बरुआ ने मिर्गी के रोगियों को शीघ्र सर्जरी के लिए समर्पित मिर्गी इकाइयों में भेजने, आरएमएलआईएमएस, लखनऊ के डॉ. दीपक सिंह एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर डॉ. रशिम कटारिया ने क्रैनियोवर्टेब्रल जंक्शन विसंगतियों के रोगियों के लिए उपचार के तौर-तरीकों, मेदांता गुरुग्राम के डॉ. सुधीर दुबे ने वक्षीय रीढ़ की विकृति वाले रोगियों के इलाज के बारे में जानकारी दी।
पारस हॉस्पिटल, गुरुग्राम के डॉ. तारिक मतीन, एसजीपीजीआई लखनऊ के डॉ. कमलेश, सफदरजंग अस्पताल, नई दिल्ली डॉ. प्रज्ञान शर्मा ने स्ट्रोक का कारण बनने वाले मस्तिष्क संवहनी घावों के उपचार के लिए विभिन्न माइक्रोसर्जिकल और एंडोवास्कुलर तौर-तरीकों पर चर्चा की।
आयोजन अध्यक्ष प्रो. एमएफ हुदा ने कहा कि विभाग के योगदान को विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सराहा गया है। विभाग के संस्थापक अध्यक्ष प्रो. वीके श्रीवास्तव और एनेस्थीसियालॉजी विभाग की प्रो. शहला हलीम को उनकी उल्लेखनीय सेवाओं व विभाग की स्थापना में सहयोग के लिए सम्मानित किया गया।
मेडिसिन संकाय की डीन प्रो. वीणा महेश्वरी और जेएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. हारिस मंजूर ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश से आने वाले मरीजों को इलाज प्रदान करने वाले इस विभाग के काम की सराहना की। विभागाध्यक्ष प्रो. रमन शर्मा ने वक्ताओं और प्रतिभागियों का स्वागत किया। अलीगढ़ एसोसिएशन ऑफ न्यूरोसाइंसेज के सचिव डॉ. संजीव शर्मा ने न्यूरोसर्जरी के दिग्गजों की भागीदारी पर खुशी जताई।
डॉ. अहमद अंसारी ने बताया कि एएमयू से शिक्षा प्राप्त 40 से अधिक न्यूरोसर्जन देश के विभिन्न हिस्सों में काम कर रहे हैं। इस कार्यक्रम ने सम्मेलन के समापन पर आयोजित पूर्व छात्र बैठक के माध्यम से उन सभी को फिर से जोड़ने में मदद की है। डॉ. ताबिश खान ने कहा कि कार्यक्रम के दौरान ब्रेन ट्यूमर, रीढ़ और स्ट्रोक से संबंधित न्यूरोसर्जरी में हाल की प्रगति पर चर्चा की गई।