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जरूरत है जिले में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की

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उद्योग की दृष्टि से समृद्ध अलीगढ़ जिले में अब नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की जरूरत है। नई औद्योगिक इकाई लगाने के लिए निवेश मित्र पोर्टल पर जिले के किसी औद्योगिक क्षेत्र में कहीं कोई प्लॉट खाली नहीं मिलता है। कहने को ख्यामई में नया औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। जिसका आकार काफी छोटा है। इसके चलते यहां अभी और बड़े कॉरिडोर को विकसित करने की जरूरत है, जिसे लेकर उद्यमियों के स्तर से आवाज उठाई जाने लगी है।
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कहने को अपने शहर में घर-घर कुटीर/लघु उद्योग के रूप में ताला व हार्डवेयर निर्माण से जुड़े कारखाने चल रहे हैं। सबसे पुराना और सबसे पहला औद्योगिक क्षेत्र आईटीआई रोड पर विकसित हुआ। इसके बाद मुख्यमंत्री रहते स्व. कल्याण सिंह ने शहर की जरूरत को ध्यान में रखते हुए तालानगरी और फिर बाद में अनूपशहर रोड सीडीएफ पर यूपीएसआईडीसी के जरिये औद्योगिक क्षेत्र विकसित कराया।
इन दोनों जगहों पर अब स्थान का अभाव है। सीडीएफ औद्योगिक क्षेत्र में 5-5 हजार वर्ग गज के पांच प्लाट उपलब्ध जरूर हैं, मगर उनकी अभी ऑनलाइन बुकिंग विधानसभा चुनाव के बाद से बंद पड़ी है। निवेश मित्र ऑनलाइन पोर्टल पर जिले में एक भी औद्योगिक प्लॉट खाली नहीं है। इसके चलते बुकिंग बंद पड़ी है।
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महायोजना में शामिल हों नए क्षेत्र, लघु उद्योग भारती ने उठाई आवाज
जिले में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के संबंध में लघु उद्योग भारती ने आवाज बुलंद की है। इसे लेकर पिछले दिनों मंडलायुक्त को सुझाव पत्र दिया, जिसमें कहा गया है कि ताला-हार्डवेयर के लिए विश्वविख्यात अपने जिले में 5000 कुटरी/लघु उद्योग व 300 निर्यातक इकाइयां हैं, मगर यहां लॉजिस्टिक पार्क, कॉमन ईटीपी प्लांट, औद्योगिक ऑडिटोरियम का अभाव है।
साथ में औद्योगिक क्षेत्र का भी अभाव है। इसके लिए उन्होंने सुझाव दिया है कि महायोजना 2031 तैयार हो रही है, जिसमें अलीगढ़-पलवल रोड पर गौमत चौराहा से चंडौस की ओर तीन-तीन किमी अंदर, खैर-सोमना रोड पर गभाना की ओर तीन-तीन किमी अंदर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जा सकते हैं। इन्हें औद्योगिक क्षेत्र बनाने के लिए महायोजना में शामिल किया जाए और यहां के भू उपयोग को औद्योगिक करने की अनुमति दी जाए। यह सुझाव देने वालों में लघु उद्योग भारती के गौरव मित्तल, जिलाध्यक्ष नीरज अग्रवाल, योगेश गोस्वामी, अंशुमन अग्रवाल आदि शामिल हैं।
विकसित होगा नोएडा से बड़ा क्षेत्र
दलील दी जा रही है कि ये दोनों मार्ग अलीगढ़-पलवल व जीटी रोड से जुड़े हैं। एक्सप्रेस वे व रेल मार्ग भी संपर्क में है। इसके विकसित होने पर नोएडा से बड़ा औद्योगिक हब विकसित हो सकता है। यहां इतनी जमीनें हैं।
ट्रांसपोर्टर नगर, ख्यामई और डिफेंस कॉरिडोर भी पास में
खास बात ये है कि लघु उद्योग भारती ने जो सुझाव दिए हैं, उन दोनों जगहों के सबसे करीब प्रस्तावित ख्यामई कॉरिडोर, डिफेंस कॉरिडोर व ट्रांसपोर्टर नगर हैं। इनका जुड़ाव जिले के औद्योगिक विकास को और गति देगा।
- अलीगढ़ जिला औद्योगिक दृष्टि से बेहद आगे है, मगर यहां सुविधाओं व संशाधनों की कमी है। आज अगर कोई नया व युवा उद्यमी कोई नई यूनिट लगाना चाहे तो जगह की कमी है, जो हमने सुझाव दिए हैं, उन्हें महायोजना में शामिल किया जाए तो जिले का विकास होगा।
- गौरव मित्तल प्रदेश संयुक्त महामंत्री लघु उद्योग भारती
- यह सही है कि उद्योगों के लगने से ही किसी भी जिले का विकास होता है। लघु उद्योग भारती की ओर से जो सुझाव दिए गए हैं, उन पर मंथन के लिए संबंधित अधिकारियों को कहा गया है। महायोजना में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित करना प्लानिंग में है। अगर इनके सुझाव हमारी ओर से प्रस्तावित साइटों से जुड़े हैं तो उन्हें देखा जाएगा अन्यथा इनके भू उपयोग बदलने पर भी विचार किया जा सकेगा। नया औद्योगिक क्षेत्र महायोजना में शामिल होगा।
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- गौरव दयाल, मंडलायुक्त
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