सड़कों पर नमाज पढ़ने के लिए मना किया था, लेकिन लोगों ने ऊपरकोट स्थित जामा मस्जिद के बाहर सड़क पर नमाज पढ़ी। ऊपरकोट स्थित जामा मस्जिद के बाहर सड़क पर जब लोग नमाज पढ़ने के लिए मुसल्ला बिछा रहे थे, तभी एक कुत्ता घुस गया, जिसे पकड़ने के लिए नगर निगम के कर्मचारियों के पसीने छूट गए।
जुमा अलविदा की नमाज जामा मस्जिद सहित सभी मस्जिदों में पढ़ी गई। खुतबे में अलविदा... अलविदा माह-ए-रमजान पढ़कर पाक महीने को विदाई दी गई। शुक्रवार को रमजान महीने का आखिरी जुमा था। नमाज को लेकर पुलिस और जिला प्रशासन चौकन्ना रहा। उधर, शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने सभी से मस्जिदों में ही नमाज पढ़ने की अपील की थी। सड़कों पर नमाज पढ़ने के लिए मना किया था, लेकिन लोगों ने ऊपरकोट स्थित जामा मस्जिद के बाहर सड़क पर नमाज पढ़ी।
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कारी शागिल ने नमाज पढ़ाई। इसी तरह बाकी मस्जिदों में जुमा अलविदा की नमाज पढ़ी गई और देश की खुशहाली और अमन-चैन के लिए दुआ की गई। पुलिस फोर्स तैनात रहा। बृहस्पतिवार को जिले के आला अधिकारियों ने संवदेनशील इलाकों का दौरा भी किया था। सड़क पर नमाज पढ़ने के विषय पर अधिकारियों की ओर से कहा गया कि पहले से व्यवस्थाओं में काफी सुधार हुआ है।
सड़क को लेकर की गई लीपापोती
ऊपरकोट इलाके के हाथी पुल से देहलीगेट खटिकान चौराहा तक की सड़क की मरम्मत सही ढंग से नहीं की गई, लेकिन औपचारिकता निभाई गई। समाजसेवी गुलजार अहमद ने कहा कि सड़क में जगह-जगह गड्ढे हैं। इसी रास्ते से गुजरकर लोग शाहजमाल ईदगाह में नमाज पढ़ने जाएंगे, लेकिन इसकी परवाह नगर निगम ने नहीं की। वह इसकी शिकायत डीएम से करेंगे।
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पानी का संकट बरकरार, वजू के लिए दिक्कत
ऊपरकोट में पानी का संकट बरकरार है। हैंडपंप के साथ ट्यूबवेल खराब होने से पानी की किल्लत बढ़ गई। वजू के लिए भी पानी दिक्कत महसूस की गई। पड़ोसियों के यहां से लोगों को पानी लेना पड़ा।
नगर निगम का दावा फेल, नमाजियों के बीच घुसा कुत्ता
नगर निगम ने जुमा अलविदा और ईद की नमाज में पशुओं को न घुसने देने का दावा किया था, लेकिन उसका दावा फेल साबित हो गया। ऊपरकोट स्थित जामा मस्जिद के बाहर सड़क पर जब लोग नमाज पढ़ने के लिए मुसल्ला बिछा रहे थे, तभी एक कुत्ता घुस गया, जिसे पकड़ने के लिए नगर निगम के कर्मचारियों के पसीने छूट गए।
नमाज के बाद जमीरउल्लाह को पहनाया फूल-माला
ऊपरकोट स्थित जामा मस्जिद से नमाज पढ़कर निकले महापौर के सपा प्रत्याशी जमीर उल्लाह खां को लोगों ने फूल-माला पहनाया।