अभिषेक शर्मा, अलीगढ़।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यहां पहली बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, विहिप, राष्ट्रीय स्वयंसेविका संघ व एबीवीपी के प्रमुख पदाधिकारियों से संवाद किया। रविवार सुबह नाश्ते की टेबिल पर चर्चा की कि मुस्लिम समाज के लोग राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से कैसे जुड़ सकते हैं? कहा कि इस दिशा में प्रयास होना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये जरूरी नहीं कि मुस्लिम ‘जय श्रीराम’ बोलें, मगर वे संघ से जुड़कर संगठन के लिए काम करें।
मुख्यमंत्री जिले में दूसरी बार रात में रुके थे। सुबह नाश्ते के दौरान संघ पदाधिकारियों ने बताया कि वे किस तरह बुजुर्ग स्वयंसेवकों की अलग से आईटीसी लगा रहे हैं। साथ ही, बस्ती-बस्ती विस्तारक तैयार किए जा रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अलीगढ़ जैसे शहरों में मुस्लिमों को संगठन से जुड़ना जरूरी है।
इस पर उन्होंने गोरखपुर से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और बताया कि किस तरह वहां हमने मुस्लिमों को संगठन से जोड़ा। साथ ही अलीगढ़ में मुस्लिमों को संगठन से जोड़ने पर बल देते हुए कहा कि ये जरूरी नहीं कि मुस्लिम ‘जय श्रीराम’ बोलें, मगर उन्हें हमारे द्वारा और हमारी सरकार द्वारा उनके हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी हो, तभी सबका साथ सबका विकास की सार्थकता साबित होगी।
इस बातचीत के दौरान नगर निगम के कार्यों पर चर्चा की। साथ में शहरी विकास से जुड़े मुद्दे उठाते हुए हाल के जलभराव, गंदगी आदि पर भी प्रकाश डाला। इस पर उन्होंने जल्द समाधान का भरोसा दिलाया। इस पर करीब एक घंटे तक चर्चा हुई और फिर संघ पदाधिकारियों को दीपावली की मिठाई व शॉल भेंटकर विदा किया गया।
खास बात यह रही कि एक घंटे चली इस बैठक में किसी अन्य को अंदर आने की अनुमति नहीं रही। जितने समय बैठक चली, उस दौरान किसी को कमरे में आने की अनुमति नहीं थी। सिर्फ बीच बैठक में प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री संदीप सिंह पहुंचे। इसके अलावा किसी को नहीं आने दिया गया। इस दौरान कमरे के बाहर सभी जनप्रतिनिधि व कमरे के पीछे मौजूद जिले के अधिकारी हैरान व परेशान रहे। सभी ये जानने का प्रयास करते रहे कि कहीं कोई किसी की शिकायत तो नहीं हो रही। या किसी के विषय में भला बुरा तो नहीं कहा जा रहा।
नाश्ते की टेबल पर पोहा दही-जलेबी संग हुआ संवाद
पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग प्रचारक गोविंद, विभाग संघ चालक मानवीर, सह संघचालक ललित, कार्यवाह योगेंद्र, महानगर प्रचारक मनवीर, विहिप के पदाधिकारी जगजीत, राष्ट्रीय स्वयंसेविका संघ की दो महिला पदाधिकारी, एबीवीपी प्रांतीय संगठन मंत्री मनीष राय, महानगर संगठन मंत्री चंद्रजीत यादव, महानगर मंत्री अंकुर, धर्म जागरण से मनोज समेत कुल 14 लोग सर्किट हाउस ठीक सुबह 8:15 बजे पहुंचे। जहां मुख्यमंत्री के साथ नाश्ते की टेबल पर उनकी बातचीत शुरू हुई। इस दौरान चाय के अलावा पोहा, दही-जलेबी, चना, आलू की सब्जी संग पनीर पराठा, दलिया, मौसमी का जूस व फल पेश किए गए। इसी नाश्ते के बीच संवाद शुरू हुआ।
अलीगढ़ दंगे से जुड़े खुद के अनुभव बताए
मुख्यमंत्री ने अलीगढ़ के 2006 दंगे से जुड़े खुद के अनुभव भी साझा किए। बताया कि किस तरह वे उस दंगे में अलीगढ़ आए थे और मौजूदा एमएलसी भाजपा नेता मानवेंद्र सिंह ने उन्हें रिसीव किया। जिसके बाद पुलिस प्रशासन ने गिरफ्तार कर जिले से बाहर भेजा। बताया कि उस समय के और अब के अलीगढ़ में काफी बदलाव है।
मुख्यमंत्री ने दिया कृषि विवि और
मेडिकल कॉलेज का भरोसा
मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एक प्रतिनिधि मंडल ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विषयों पर लंबी चर्चा की। इस दौरान कृषि विश्वविद्यालय व मेडिकल कॉलेज स्थापना का भरोसा दिलाया। साथ ही, एबीवीपी से एएमयू में छात्र साहिल कुमार प्रकरण, राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विवि के निर्माण में देरी व 33 फीसदी सीट वृद्धि और डीएस कॉलेज प्रबंधन विवाद पर चर्चा हुई। इन सभी पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा कि जल्द बेहतर निर्णय सामने आएंगे।
प्रांत संगठन मंत्री मनीष राय ने बताया कि मुख्यमंत्री ने विवि निर्माण पर जल्द तेजी का भरोसा दिलाया है। एएमयू के साहिल कुमार नाम के छात्र के साथ हुई घटना पर उन्होंने जिला पुलिस प्रशासन की भूमिका को संदिग्ध माना है। कहा है कि इसकी जांच कराएंगे और जो उचित होगा कार्रवाई होगी। साहिल कुमार को गैर समुदाय के छात्रों ने पीटा था।
इसके अलावा 33 फीसदी सीट वृद्धि पर भरोसा दिया कि जल्द सीट बढ़ाई जाएंगी। डीएस कॉलेज प्रबंधन विवाद संज्ञान में है। उस पर भी कोई उचित निर्णय होगा। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज व राजकीय कृषि विश्वविद्यालय पर चर्चा हुई। जिस पर उन्होंने स्थापना के मुुद्दे पर उचित भरोसा दिलाया। इस दौरान कोरोना काल में एबीवीपी द्वारा किए गए कार्यों की पुस्तक सम वेदना भेंट की गई। इस मौके पर प्रांत संगठन मनीष राय, महानगर संगठन मंत्री चंद्रजीत, महानगर मंत्री अंकुर शर्मा मौजूद रहे।
कुलपति के खिलाफ एक स्वर में बोले संघ-एबीवीपी
राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विवि के कुलपति के विरोध में स्वयं सेवक संघ व एबीवीपी पदाधिकारियों ने एक स्वर में आवाज बुलंद की। कहा कि वे ज्ञापन तक फेंक देते हैं। उनका व्यवहार उचित नहीं है। सीट वृद्धि मामले पर वे असंतोषजनक जवाब देते हैं। इन विषयों को संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री ने इतना ही कहा कि यह विषय बेहद गंभीर हैं। इन पर जल्द उचित निर्णय लिया जाएगा।