फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नगर निगम ने आपदा को बनाया अवसर, 58 किलोमीटर नाले किए साफ

विज्ञापन
नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल - फोटो : AMAR UJALA
विज्ञापन
अलीगढ़। कोरोना महामारी के चलते हुए लॉकडाउन की अवधि का सदुपयोग करते हुए नगर निगम ने बेहद घनी आबादी वाले इलाकों में 58 किलोमीटर लंबाई के नालों की तली झाड़ सफाई कराई है, जो सामान्य स्थिति में संभव ही नहीं थी। इसके अलावा अब नगर निगम जाफ़री ड्रेन और शहर की सीमा पर बने सर्किल ड्रेनों में पानी के सैंपल लेकर उनकी जांच के लिए उनको अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय की लैब में भेज रहा है। जिससे कि पानी में होने वाले प्रदूषण के स्तर को मापा जा सके। नगर निगम का कहना है कि शहर के बाहरी इलाकों में लगी औद्योगिक इकाइयां यह दावा करती हैं कि उनके यहां वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट सुचारू रूप से काम कर रहे हैं। इस समय सभी औद्योगिक इकाइयां बंद है । इस समय अगर जाफरी ड्रेन सहित अन्य बड़े नालों में पानी के केमिकल व अन्य प्रदूषण के स्तर में कमी पाई जाती है। तो इससे यह स्पष्ट हो जाएगा कि औद्योगिक इकाइयों का दावा कितना सही है। शहर के बाहरी नालों में अगर केमिकल और हानिकारक पदार्थों का स्तर वैसा ही रहा है जैसा कि सामान्य दिनों में रहता है तो औद्योगिक इकाइयों के संचालकों का दावा सही माना जा सकता है। नगर आयुक्त सत्य प्रकाश पटेल ने बताया कि वह इस आपदा के अवसर को भी सकारात्मक रूप में ले रहे हैं और नगर निगम वह कार्य कर रहा है जो सामान्य आवाजाही के चलते अन्य दिनों में संभव नहीं हो सकते थे। उन्होंने बताया कि केवल जाफरी ड्रेन और अन्य ड्रेन के पानी की स्थिति ही नहीं भूजल स्तर में भी काफी सुधार हुआ है। इसके संकेत मिले हैं। हमारे नलकूपों की क्षमता इसका संकेत दे रही है। नगर आयुक्त कहते हैं कि सामान्य स्थिति में यह कभी भी संभव नहीं था कि हम सभी औद्योगिक इकाइयों को बंद करने के लिए कह दें और फिर ड्रेन के पानी की जांच करें। यह अवसर हमें इस आपदा ने दे दिया है। हम इसके एक एक मिनट का सदुपयोग कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें