महानगर के कठपुला स्थित नगर निगम की तिकौना पार्किंग के बाहर से शनिवार रात 45 लाख रुपये कीमत की कांपैक्टर मशीन चोरी हो गई। रविवार दोपहर इस चोरी की जानकारी मिलने पर नगर निगम में हड़कंप मच गया। देर शाम खोजबीन चली तो पता चला कि टप्पल के बाद मशीन का जीपीएस डैड हो गया है। इसके चलते उसकी लोकेशन ट्रैस नहीं हो पाई। मामले में देर रात सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज कराया गया।
नगर निगम द्वारा 14वें वित्त से 45 लाख रुपये की कांपैक्टर मशीन खरीदी गई। मोटर वाहन संख्या यूपी 81 एजी 1105 पर लगी यह मशीन बंद कूड़ेदानों से कूड़ा निकालने के प्रयोग में आती है। यह मशीन कठपुला स्थित तिकौना पार्किंग के दरवाजे पर खड़ी रहती थी। चूंकि मशीन बड़ी होती है, इसलिए अंदर नहीं पहुंच पाती थी।
चंदनिया निवासी चालक प्रदीप कुमार इस मशीन पर तैनात था। 29 तारीख की रात यह मशीन को खड़ा कर घर चला गया। अगले दिन जब वह पहुंचा तो मशीन गायब देख दंग रह गया। मामले में अधिकारियों को अवगत कराया गया। मामले में नगर निगम के कंट्रोल रूम व जीपीएस से जांच की गई तो पता चला कि 29 अक्तूबर की रात 12:30 बजे एक व्यक्ति मशीन लेकर गया है। यह मशीन टप्पल तक देखी गई है।
वहां उसकी आखिरी लोकेशन ट्रैस हुई है। इसके बाद मशीन का सुराग नहीं लगा। जांच में पता चला कि टप्पल में ही जट्टारी से आगे उसकी जीपीएस चिप टूटी मिली है। मामले में प्रदीप की तहरीर पर सिविल लाइंस में मुकदमा दर्ज कराया गया है। मामले में देखने से लग रहा है कि कोई प्रशिक्षित व्यक्ति इस मशीन को हरियाणा या नोएडा की ओर लेकर गया है। सिविल लाइंस पुलिस मामले में जांच कर रही है।
लाखों की चोरी का मुकदमा चार दिन बाद दर्ज
महानगर के रोरावर क्षेत्र में चोरी-छिनैती जैसे संगीन अपराध लगातार हो रहे हैं। इसे लेकर पुलिस प्रकरण दबाने जैसे प्रयास करती दिख रही है। इसी का परिणाम है कि इलाके की शिवधाम कॉलोनी के एक इंजीनियर के मकान में लाखों रुपये की चोरी का मुकदमा चार दिन बाद दर्ज किया गया है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए सिविल इंजीनियर दीपक सिंह ने बताया कि वे 26 अक्तूबर को त्योहार पर अपने गांव केशोपुर जौफरी गए थे। इसी बीच रात में चोरों ने घर के ताले तोड़कर 65 हजार रुपये नकदी, एलईडी, पांच तोले सोना आदि सहित कीमती सामान चोरी कर ले गए। इस मामले में 27 अक्तूबर को तहरीर दी गई।
मगर मुकदमा दर्ज करने के बजाय दरोगा ने कह दिया कि अभी देख रहे हैं। उसने तहरीर बदलवाई और 29 तारीख की तारीख में नई तहरीर ली। तब जाकर बमुश्किल 30 अक्तूबर को मुकदमा दर्ज किया है। सीओ प्रथम बताते हैं कि मामले में अपराधियों को तलाश किया जा रहा है।