मंगलवार को 10वीं मोहर्रम पर ताजिया और अलम का जुलूस परंपरागत रास्तों से निकलेगा, जो शाहजमाल स्थित कर्बला में पहुंचकर खत्म होगा। जुलूस में ट्यूब लाइट फोड़ने से गुरेज करने की अपील की गई है। शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने कहा कि ताजिया व अलम जुलूस में बेवजह नारेबाजी न की जाए। एक मंच पर शिया-सुन्नी के आलिम आए।
सोमवार को एएमयू के ओल्ड ब्वॉयज एसोसिएशन के कार्यालय में शहर मुफ्ती ने कहा कि जब जुलूस मस्जिद के पास पहुंचे और जोहर की नमाज का वक्त हो तो नारेबाजी से परहेज करें। उन्होंने कहा कि यह जुलूस इमाम हुसैन की याद में निकलता है, जिन्होंने पूरी दुनिया को इंसानियत और सब्र का पैगाम दिया। कर्बला के मुतवल्ली मुख्तार जैदी ने बेहतर सुविधाएं मुहैया कराने के लिए डीआईजी दीपक कुमार, डीएम आईवी सिंह, एसएसपी कलानिधि नैथानी, एडीएम सिटी राकेश कुमार पटेल का आभार जताया।
उन्होंने कहा कि नगर निगम को मोहर्रम जुलूस पर साफ-सफाई की व्यवस्था करनी चाहिए। गत दिवस बाबरी मंडी से निकले जुलूस में रास्तों में गंदगी थी। उन्होंने कहा कि कर्बला, शाहजमाल ईदगाह व कब्रिस्तान में स्मार्ट सिटी के तहत विकास कार्य होने चाहिए। मौलाना डॉ. मोहम्मद असगर, मौलाना गुलाम हैदर ने विचार व्यक्त किए। इस मौके पर आजम मीर, सैयद नादिर अब्बास नकवी मौजूद रहे।
इन रास्तों से गुजरेगा जुलूस
कर्बला के मुतवल्ली मुख्तार जैदी ने बताया कि ताजिया और अलम का जुलूस मंगलवार को सुबह 8 बजे एएमयू के बैतुल सलात (आफताब हॉल) में मजलिस होगी। सुबह 9 बजे से यहां से जुलूस उठेगा। शमशाद मार्केट पर मातम होगा। कर्बला के शहीदों का उलमा जिक्र करेंगे। इसके बाद जुलूस जेल रोड, जेल पुल, नुमाइश मैदान, देहली गेट पहुंचेगा। यहीं पर बाबरी मंडी और फूल चौक का ताजिया व अलम जुलूस भी पहुंचेगा।
ये है कर्बला का इतिहास
शाहजमाल स्थित कर्बला करीब दो सौ साल पुराना है। 20 बीघा में कर्बला बना है, जिसमें इमाम हुसैन का रौजा, हजरत अब्बास का रौजा, हजरत सकीना का रोजा है। कर्बला के मुतवल्ली मुख्तार जैदी ने बताया कि कर्बला की 20 फीसदी जमीन पर अतिक्रमण है।