मिस्र के सबसे बड़े मुफ्ती साॅकी इब्राहिम अब्देल करीम आलम ने मुसलमानों का आह्वान किया कि वह शांति के दूत बनें और मतभेदों को खत्म करें। मुस्लिमों को धर्म की विकृत व्याख्या के प्रति सचेत करते हुए उन्होंने कहा, यह मुस्लिम समुदाय की साझा जिम्मेदारी है कि वह इस्लाम को गलत रास्ते पर ले जाने वालों के हाथों से वापस ले लें। पूरी तरह ध्रुवीकृत दुनिया में खतरनाक विवादों के बीच शांति का नया दौर लाने के लिए पूरी दुनिया के मुस्लिमों को नेतृत्व करना होगा।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के केनेडी ऑडिटोरियम में मंगलवार को शिक्षकों, छात्रों और अधिकारियों की एक बड़ी सभा को संबोधित करते हुए आलम ने कहा, सभी धर्मों, सभ्यताओं और दर्शन के साथ संपर्क के दौरान समान आधार और मतभिन्नताओं व अनेकताओं की पहचान के दौरान इस्लाम के सही विचार को समझना और ग्रहण करना जरूरी है। मुफ्ती आलम सोमवार से भारत के दौरे पर आए हैं।