मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देशों के अनुपालन में सोमवार को एसडीएम कोल संजीव ओझा, तहसीलदार डॉ. गजेंद्र पाल सिंह एवं राजस्व विभाग की टीम के अलावा रोरावर समेत पांच थानों की पुलिस के साथ ही पीएसी एवं जेसीबी मशीन लेकर मौके पर पहुंच गए। जहां पैमाइश के बाद कब्जाई गई जमीन पर हो रहे निर्माण कार्य को ध्वस्त कराना शुरू कर दिया।
इस बीच मस्जिद एवं मदरसा से कब्जा हटवाया जाने लगा तभी पूर्व विधायक हाजी जमीर उल्लाह खान आ गए। उन्होंने दीपिका वार्ष्णेय एवं अफजल सैफी पक्ष के लोगों से प्रशासनिक अफसरों की मौजूदगी में बातचीत की। उन्हें जानकारी हुई कि विवादित जमीन पर बनी मस्जिद एवं मदरसा अवैध जमीन पर बने हुए है। इस पर उन्होंने सांप्रदायिक सद्भाव को बनाए रखने के लिए पीड़ित पक्ष को जमीन के बदले मुआवजे देने की पेशकश की।
विवादित जमीन की कीमत दस लाख रुपये आंकी गई। मौके पर ही दस लाख की धनराशि का चेक दीपिका वार्ष्णेय को सौंप दिया गया। दीपिका वार्ष्णेय ने भी समझौता मानते हुए प्रशासनिक अफसरों से मस्जिद एवं मदरसा के निर्माण कार्य को न तुड़वाने का आग्रह किया तो अफसर मान गए। एसडीएम संजीव ओझा के अनुसार दीपिका वार्ष्णेय को मजिस्द एवं मदरसे की जमीन को छोड़कर उनके हिस्से में बची जमीन पर काबिज करा दिया गया है।