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Aligarh: पशुओं में लंपी स्किन रोग फैला, सैकड़ों चपेट में, पशुपालन विभाग में मची खलबली

Mon, 22 Aug 2022 01:15 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

खैर ब्लॉक के खेड़ा दयालनगर, मोहसिनपुर, नारायणपुर, सिद्धगढ़ी, गौमत, सोफा, सोफा नगरिया, निबसानी, साथना, श्यामराज, बहरौला, कुरावन आदि के अलावा चंडौस ब्लॉक के पिसावा क्षेत्र में बड़ी संख्या में पशु बीमारी की चपेट में आ रहे हैं।
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लंपी रोग से पीड़ित गाय की लखनऊ से जांच करने पहुंचए पशुपालन विभाग के डायरेक्टर डॉ. पीके सिंह - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जिले के टप्पल एवं चंडौस ब्लॉक के करीब 10-15 गांवों में इन दिनों पशुओं पर लंपी स्किन डिजीज (एलएसडी) का खासा प्रकोप देखने को मिल रहा है। जिसके कारण पशुपालन विभाग में खलबली मच गई है। रविवार को लखनऊ से पशुपालन विभाग के डायरेक्टर डॉ. पीके सिंह ने दोनों ही ब्लॉकों के पीड़ित गांवों के पशुओं का हाल-चाल जानने के साथ ही पशु पालकों से इसकी जानकारी ली है।

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निदेशक ने बताया कि पशुओं को इस रोग से बचाने के लिए जल्द ही वैक्सीन मंगायी जा रही है। अभी तक लंपी वायरस का प्रकोप राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र आदि राज्यों में देखने को मिल रहा था। अब यह बीमारी राजस्थान के रास्ते अलीगढ़ भी आ पहुंची है। इससे अब तक करीब 300 पशु संक्रमित हो चुके हैं। खासकर गोवंश इससे अधिक पीड़ित हो रहे हैं।

खैर ब्लॉक के खेड़ा दयालनगर, मोहसिनपुर, नारायणपुर, सिद्धगढ़ी, गौमत, सोफा, सोफा नगरिया, निबसानी, साथना, श्यामराज, बहरौला, कुरावन आदि के अलावा चंडौस ब्लॉक के पिसावा क्षेत्र में बड़ी संख्या में पशु बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। पशुपालन विभाग की टीमें लगातार इन गांवों में सक्रिय है और बीमार पशुओं का उपचार कर रही हैं।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. बीपी सिंह के अनुसार यह बीमारी गायों की सभी प्रजातियों में है। दूध देने वाली गायों की इम्यूनिटी थोड़ी कम होती है, इसलिए लंपी वायरस सबसे पहले दूध देने वाली गायों को अपना शिकार बनाती है। छोटे बछड़ों पर यह कहीं घातक होती है। जर्सी नस्ल की गाय में यह बीमारी जानलेवा होती है। भारतीय प्रजाति की जेबू कैटल गायों में यह जानलेवा नहीं होती। यह बीमारी हवा में नहीं फैलती है। छींकने, थूक या लार और साथ में चारा खाने एवं पानी पीने से यह बीमारी नहीं होती है। एक गाय के खून से दूसरे गाय के खून में फैलती है। इसलिए इंजेक्शन की सुई को दूसरी गाय के उपयोग में नहीं लाएं ।

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