चपेट में आए 300 से अधिक पशु
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. बीपी सिंह ने बताया कि राजस्थान के रास्ते अलीगढ़ पहुंची इस लंपी बीमारी का सर्वाधिक प्रकोप खैर, टप्पल एवं चंडौस ब्लॉक के गांवों में दिखाई पड़ रहा है। अब तक जिले में 300 से अधिक पशु लंपी स्किन डिजीज की चपेट में आ चुके हैं। यह संख्या लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि यह बीमारी गायों की सभी प्रजातियों में होती है और इसकी शिकार दूध देने वाली गाय बनती है। जर्सी नस्ल की गाय के लिए यह बीमारी जानलेवा होती है। यह बीमारी गायों का खून चूसने वाले कीड़ों और मक्खी, मच्छरों के जरिए फैलती है। एक गाय के खून से दूसरे गाय के खून में फैलती है।
उन्होंने बताया कि इस रोग से बचने के लिए वैक्सीन मंगाई जा रही है। उन्होंने बताया कि पशु पालक अपने पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए उन्हें खुले आसमान के नीचे न बांधे। जहां बांधे वहां धुआं अवश्य कर लें। उन्होंने कहा कि पशु के बीमार होने पर सरकारी पशु अस्पताल में पहुंचकर उपचार कराएं। उन्होंने बताया कि बीमार पशुओं के इलाज के लिए 10 टीमें लगातार गांवों में भ्रमणशील है और वहां कैंप किए हुए हैं।