श्रद्धालुओं में दिव्य रथ को खींचने के प्रति भारी उत्साह रहा। भक्त हरे कृष्ण.. हरे राम.. के मंत्र का जाप और कई श्रद्धालु झांझ, मंजीरे और मृदंग की थाप पर संकीर्तन करते चल रहे थे। रथ के आगे श्रद्धालु झाडू से मार्ग की सफाई करते चल रहे थे। यात्रा के दौरान जगह- जगह रंगोली सजाई गईं। जगन्नाथ के जयकारों से पूरा शहर गूंज उठा और भक्ति में लीन होकर भक्त झूमते नजर आए। रथयात्रा जैसे-जैसे आगे बढ़ रही थी सड़क किनारे खड़े लोग वैसे-वैसे जुड़ते जा रहे थे। यात्रा के चलते शहर में काफी देर तक जाम लगा रहा। रथ यात्रा के पीछे वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लगी रहीं। यात्रा में मथुरा-वृंदावन समेत देश- विदेश से सैंकड़ों भक्त यात्रा में शामिल हुए।
उन्होंने बताया कि रथयात्रा का आयोजन शहर के लोगों में सद्भावना का प्रचार करना है। पराग डेयरी, एडीए कॉलोनी, किशनपुर, जनकपुरी, अतरौली अड्डा, गांधी नेत्र चिकित्सालय, सेंटर प्वाइंट पर टीकाराम मंदिर पहुंचकर यात्रा का समापन हुआ। इस दौरान भक्तों ने पुष्पवर्षा कर जोरदार स्वागत किया। यहां भक्तों ने भजन-कीर्तन, छप्पन भोग, अर्पण और महाआरती कर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद लिया। आयोजन में दिव्य संत महंत जगन्नाथ दास बाबा, महंत परमेश्वर दास, रामकृष्ण दास, दीनबंधु, पूर्णानंद पुरी महाराज, संस्था के अध्यक्ष नित्यानंद दास, कृष्ण सखी दासी, अनिल सारस्वत, रिंकू वार्ष्णेय, ललित वार्ष्णेय, गौरव सिंघल, श्याम गुप्ता, मदन मोहन दास, नारायण दास, रामानंद दास, प्रीतम दास, जितेंद्र भारद्वाज, विवेक, कृष्ण गोपाल, राहुल शर्मा, जय सिंह, पुष्पेंद्र, कार्तिक आदि का सहयोग रहा।