गभाना क्षेत्र के गांव चांदनेर के बहुचर्चित पूर्व प्रधान जगधीर हत्याकांड में बृहस्पतिवार को तत्कालीन प्रधान सहित 5 नामजदों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। वहीं इस मुकदमे में पुलिस विवेचना में उजागर हुए बिसारा के बंटी सहित 8 आरोपियों को बरी कर दिया गया। यह फैसला एडीजे प्रथम मनोज कुमार अग्रवाल की अदालत से सुनाया गया है। बता दें कि प्रधानी और राशन डीलर चुनाव से जुड़ी इस रंजिश में हत्या कराने का आरोप तत्कालीन प्रधान पर लगा था।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी रामकुमार के अनुसार घटना 27 जून 2016 की सुबह 9-9:30 बजे के मध्य की है। वादी मुकदमा जगधीर के भाई तेजवीर सिंह के अनुसार गांव में राशन डीलर के चुनाव के चलते पिछले तीन दिन से उनके पूर्व प्रधान भाई जगधीर गांव आए हुए थे। उनकी मौजूदा प्रधान सुरेश से रंजिश चल रही थी। जिसका वाद न्यायालय में विचाराधीन था। राशन डीलर के चुनाव के चलते वह सुबह गांव में लोगों से संपर्क करते घूम रहे थे। इसी दौरान गांव के देवेंद्र के मकान के बाहर उनको चार नामजद व चार अज्ञात हमलावरों ने घेरकर हथियारों से फायरिंग कर दी।
इस दौरान जगधीर मौके पर गिर गए। बाद में हमलावर हथियारों से दहशत फैलाते व फायरिंग करते हुए यह कहते हुए चले गए कि बहुत नेता बनता था। आज इसकी नेतागिरी का अंत कर दिया। इधर, आनन-फानन परिजन जगधीर को जेएन मेडिकल कॉलेज लाए, जहां जगधीर को मृत घोषित कर दिया।
इस मुकदमे में तत्कालीन प्रधान सुरेश चंद्र पर हत्या कराने का आरोप लगाते हुए गांव के दिगंबर, श्यौप्रसाद, सोनू, रमेश व चार अज्ञात आरोपी बनाए गए। पुलिस विवेचना में जिला पंचायत सदस्य के जेठ बंटी बिसारा सहित आठ नाम और उजागर किए गए। सभी को जेल भेज चार्जशीट दायर की गई। सत्र परीक्षण के दौरान तत्कालीन प्रधान सहित नामजद आरोपियों को दोषी करार देकर उम्रकैद व 20-20 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है। जुर्माना राशि में से 50 फीसद राशि वादी पक्ष को देने के आदेश दिए हैं।
ये किए गए बरी
मौके पर हत्या के आरोप से ये बरी:जिला पंचायत सदस्य का जेठ व प्रधान का भाई बंटी निवासी बिसारा खैर, शिवकुमार निवासी बिसारा खैर,अरविंद उर्फ भूरा व आशीष निवासी कुंडा बरमाना हाथरस।
हत्या की साजिश में शामिल होने के आरोप से ये बरी:जहान सिंह उर्फ भूरा निवासी शाहपुर सासनी हाथरस, रविंद्र व तेजवीर निवासी चांदनेर, राजकुमार निवासी अखईपुर हाथरस।