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Aligarh: घर-घर पूजे गए सुख-समृद्धि और वैभव के प्रतीक लक्ष्मी-गणेश, दिवाली के जश्न में डूबे दिखे लोग

Wed, 26 Oct 2022 01:30 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

घरों के दरवाजे, आंगन में फूलों और रंगों की स्वर्णिम रंगोली, फूलमालाओं के साथ दीपों की लड़ियां सजाकर तमसो मा ज्योतिर्गमय का संदेश प्रवाहित हुआ। पूरा शहर रोशनी से जगमग रहा था।
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ुरेंद्र नगर में दीपावली पर लाइटों से जगमगाती कॉलोनी। संवाद - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिवाली पर सोमवार को सुख-समृद्धि एवं वैभव के प्रतीक मां लक्ष्मी और श्रीगणेश का घर-घर पूजन हुआ। सूरज के ढलते ही चारों बिजली की रंग बिरंगी आकर्षक झालरें झिलमिलाने लगीं। आतिशबाजी से मध्यरात्रि तक धरती से आसमान तक रोशन रहा। घरों, प्रतिष्ठानों में जल रहे दीपक और मोमबत्ती की आकर्षक छटा दीपोत्सव की खुशियां बढ़ा रही थीं।

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घरों के दरवाजे, आंगन में फूलों और रंगों की स्वर्णिम रंगोली, फूलमालाओं के साथ दीपों की लड़ियां सजाकर तमसो मा ज्योतिर्गमय का संदेश प्रवाहित हुआ। पूरा शहर रोशनी से जगमग रहा था। सुख-समृद्धि और संपन्नता के इस महापर्व पर लोगों ने एक-दूसरे को बधाई देने के साथ उपहारों का आदान-प्रदान किया। फोन और सोशल मीडिया पर भी शुभकामना संदेश छाए रहे।

कोरोना कॉल के दो साल बाद पहली बार दिवाली पर बाजारों में खूब रौनक देखने को मिली। आभूषण, ऑटोमोबाइल्स, रियल स्टेट, मिठाई, ड्राई फ्रूट, बर्तन, गिफ्ट, आतिशबाजी की जमकर बिक्री हुई है। बाजारों में करीब 2500 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने का अनुमान है। बाजारों में ग्राहकों की भीड़ से दुकानदारों के चेहरों पर लंबे समय बाद रौनक नजर आई। कहा जा रहा है कि कपड़े, आभूषण और मिठाई के कारोबार में यह उत्साह पूरे सप्ताह जारी रहेगी।

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दूधिया रोशनी से शहर की शोभा में लगे चार चांद
दुकान-मकानों में सजीं विद्युत की झालरों की दूधिया रोशनी महानगर की आभा बढ़ा रही थी। दिन में घरों के बाहर रंगोलियाें की सजावट होने लगी थी। शाम में आकर्षक परिधानों में बच्चे-बड़े पूजा-अर्चना के लिए तैयार हुए। लक्ष्मी जी की पूजा में कमल पुष्प और कमल गट्टे की महत्ता को देखते हुए फूल विक्रेताओं ने भी खूब फायदा उठाया।

इनकी कीमत बढ़ा दी। गेंदे के फूल की माला 40 से 50 रुपये तक में बिकी। शहर के प्रमुख मिठाई की दुकानों में मिठाई खत्म हो गईं। भारी मांग के चलते मिठाई की कई दुकानों में ताले तक लगाने पड़े। शहर में करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक की मिठाई बिक गई। बुधवार और बृहस्पतिवार को भाई दूज पर भी मिठाई की बंपर बिक्री होने की उम्मीद है।

प्रकाश पर्व पर हुई आतिशबाजी
दिवाली पर शाम से ही पटाखों की गूंज वातावरण में गूंजती रही। बच्चों ने तरह-तरह के पटाखे जलाकर खुशी मनाई तो महिलाओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर दीपोत्सव की शुभकामनाएं दी। रंग-बिरंगी रोशनी करने वाले पटाखों से आसमान सतरंगी हो गया। शाम होते ही संपूर्ण वातावरण पटाखों के धूम-धड़ाके से गुंजायमान हो उठा। वैसे तो चार दिन पहले से ही बच्चों द्वारा आतिशबाजी प्रारंभ कर दी गई थी, किंतु दीपावली को आतिशबाजी का उमंग देखते ही बना।
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