दूधिया रोशनी से शहर की शोभा में लगे चार चांद
दुकान-मकानों में सजीं विद्युत की झालरों की दूधिया रोशनी महानगर की आभा बढ़ा रही थी। दिन में घरों के बाहर रंगोलियाें की सजावट होने लगी थी। शाम में आकर्षक परिधानों में बच्चे-बड़े पूजा-अर्चना के लिए तैयार हुए। लक्ष्मी जी की पूजा में कमल पुष्प और कमल गट्टे की महत्ता को देखते हुए फूल विक्रेताओं ने भी खूब फायदा उठाया।
इनकी कीमत बढ़ा दी। गेंदे के फूल की माला 40 से 50 रुपये तक में बिकी। शहर के प्रमुख मिठाई की दुकानों में मिठाई खत्म हो गईं। भारी मांग के चलते मिठाई की कई दुकानों में ताले तक लगाने पड़े। शहर में करीब 50 करोड़ रुपये से अधिक की मिठाई बिक गई। बुधवार और बृहस्पतिवार को भाई दूज पर भी मिठाई की बंपर बिक्री होने की उम्मीद है।
प्रकाश पर्व पर हुई आतिशबाजी
दिवाली पर शाम से ही पटाखों की गूंज वातावरण में गूंजती रही। बच्चों ने तरह-तरह के पटाखे जलाकर खुशी मनाई तो महिलाओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर दीपोत्सव की शुभकामनाएं दी। रंग-बिरंगी रोशनी करने वाले पटाखों से आसमान सतरंगी हो गया। शाम होते ही संपूर्ण वातावरण पटाखों के धूम-धड़ाके से गुंजायमान हो उठा। वैसे तो चार दिन पहले से ही बच्चों द्वारा आतिशबाजी प्रारंभ कर दी गई थी, किंतु दीपावली को आतिशबाजी का उमंग देखते ही बना।