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बढ़ती महंगाई से बिगड़ेगा रसोई का बजट

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अंजली फुल्लर । तस्वीर महल - फोटो : CITY OFFICE
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सरकार के जीएसटी काउंसिल की सिफारिशों को लागू कर देने के बाद सोमवार से आटा, चावल, दही और पनीर समेत रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम बढ़ गए। इसकी मार आम आदमी पर पड़ी है और घर की रसोई का बजट गड़बड़ा गया है। गृहणियों में पहले खाद्य तेलों के दाम में बढ़ोतरी, फिर घरेलू गैस सिलिंडर, अब पैकेट बंद अनाज को जीएसटी के दायरे में लाने पर सरकार के प्रति गहरी नाराजगी जतायी है। महिलाओं का कहना है कि सरकार का बढ़ती महंगाई रोकने पर कोई ध्यान नहीं है। इससे घरेलू आर्थिक स्थिति बिगड़ सकती है। दूसरी ओर व्यापारियों ने भी जीएसटी की दरों को लेकर आपत्ति दर्ज करायी है। केंद्र सरकार ने पैकेट बंद, डिब्बा बंद, लेबल युक्त मछली, दही, पनीर, लस्सी, शहद, सूखा मखाना, सोयाबीन, मटर, गेहूं का आटा, गुड़ आदि समेत अन्य अनाजों को जीएसटी के दायरे में लाने का निर्णय लिया है। इससे दाल, चना, गेहूं, आटा, दही, पनीर एवं अन्य आवश्यक वस्तुएं काफी महंगी हो जाएंगी।
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बोली गृहणियां ...
सरकार ने महंगाई बढ़ाने का रिकॉर्ड बना दिया है। कभी घरेलू गैस सिलिंडर के नाम पर तो कभी जीएसटी के नाम पर कर महंगाई बढ़ा देने से रसोई का बजट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है। घर चलाने के लिए अन्य मदों का बजट कम करना पड़ेगा।
- स्वर्णिमा वार्ष्णेय, विद्यानगर, रामघाट रोड
नई बस्तुओं पर जीएसटी लगाने और अन्य बस्तुओं पर बढ़ाने का सीधा असर घर के मासिक बजट पर पड़ा है। रसोई का बजट लगातार बढ़ रहा है। आम आदमी को दो वक्त की रोटी जुटा पाना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में सरकार को हस्तक्षेप कर महंगाई रोकनी चाहिए।
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- अंजलि फुल्लर, तस्वीर महल
बोले व्यापारी ...
रोजमर्रा की वस्तुओं पर जीएसटी लगाने से दोबारा से इंस्पेक्टर राज शुरू हो जाएगा और व्यापारियों का उत्पीड़न बढ़ेगा। जनता को भारी महंगाई का सामना करना पड़ेगा। कुटीर, घरेलू एवं लघु उद्योग पर लगाए गए इस टैक्स का आमजन पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
- अनुपम सोलंकी, अतरौली
खेती में काम आने वाली मशीनों पर कर लगने से सामान और भी महंगा हो जाएगा। सोलर सिस्टम पर कर बढ़ाए जाने से वैकल्पिक ऊर्जा व्यवस्था प्रभावित होगी। भले ही इस नई व्यवस्था के दायरे में दुकानदार नहीं आएंगे, लेकिन इसकी मार आम आदमी पर पड़ेगी।
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- अभय कुमार, रामबाग कॉलोनी

स्वर्णिमा वार्ष्णेय। विद्यानगर- फोटो : CITY OFFICE

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