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खादी आश्रम ने सरकारी जमीन ही लीज पर दे दी ?

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हरदुआगंज की जिस बेशकीमती भूमि को क्षेत्रीय श्रीगांधी आश्रम समिति ने बसपा नेता के पुत्र को लीज पर दिया है, वो जमीन उनकी है ही नहीं। यह तथ्य जांच के दौरान तहसील के रिकॉर्ड से उजागर हुआ है। ये भूमि नॉन जेडए है और खतौनी में बैनीराम के नाम श्रेणी 6क में दर्ज है। अर्थात इस भूमि को बैनीराम भी नहीं बेच सकता। मालिकाना हक सरकार का है। इस तथ्य को उजागर करते हुए हरदुआगंज के पूर्व चेयरमैन राजेश यादव ने एसडीएम कोल से लेकर कमिश्नर तक को शिकायत भेजी हैं।
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हरदुआगंज कस्बा ग्राम हरदुआगंज की चकबंदी बाहर की नॉन जेडए भूमि पर बसा हुआ है। उन्हीं में से गाटा संख्या 991, 993ब और 994 की 0.736 हैक्टेयर (6630 वर्गगज) भूमि है। रामघाट रोड स्थित इस बेशकीमती जमीन में से 3692.40 वर्ग गज जमीन क्षेत्रीय श्रीगांधी आश्रम समिति के मंत्री संतोष मिश्रा ने 13 जुलाई 2022 को बसपा नेता व हरदुआगंज चेयरमैन तिलकराज यादव के पुत्र लोरिक राज के नाम 29 वर्ष की लीज कर दी है। लीज की शर्तों पर आपत्ति के साथ पूर्व चेयरमैन राजेश यादव ने शिकायत की थी। एसडीएम कोल ने मौके पर पहुंचकर निर्माण रुकवा दिया और जांच शुरू कर दी। अब पूर्व चेयरमैन ने इस बात के दस्तावेज पेश किए तो हड़कंप मचा गया है कि ये भूमि श्रीगांधी आश्रम समिति की है ही नहीं, सरकार की है। ऐसे में कैसे लीज पर दी जा सकती है, उन्होंने इस बेशकीमती भूमि को कब्जा मुक्त कराकर सरकार के कब्जे में लेने की मांग की है।
-हरदुआगंज में खादी आश्रम संबंधी भूमि को लेकर जांच चल रही है। सभी पक्ष अपने अपने दस्तावेज पेश कर रहे हैं। एक दो दिन में जांच पूर्ण होने के बाद ही निर्णय लिया जाएगा कि क्या सही है और क्या गलत है। तभी इस पर कोई टिप्पणी की जा सकेगी।-संजीव ओझा, एसडीएम कोल
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मैंने तो जमीन बचाई है, बाकी कुछ नहीं जानता
खादी आश्रम के क्षेत्रीय मंत्री संतोष मिश्रा इस जानकारी से अंजान है कि यह जमीन नॉन जेडए की है या नहीं। मगर इतना कहते हैं कि आज 50 वर्ष बाद ही ये सवाल क्यों उठ रहे हैं। मैंने तो खादी आश्रम की जमीन बैंक नीलामी से बचाई है। मेरा उन लोगों से यह कहना है जो शिकायतें कर रहे हैं कि वह बैंक को दी गई रकम दान कर दें तो जमीन तत्काल वापस ले ली जाएगी। बाकी प्रशासन जांच कर रहा है।
-ये उठे सवाल--
- क्षेत्रीय श्रीगांधी आश्रम समिति के मंत्री ने किस मालिकाना हक से कर दी लीज
- तहसील रिकॉर्ड में यह भूमि नॉन जेडए, खतौनी में है श्रेणी 6क के रूप में दर्ज
क्या है नॉन जेडए और श्रेणी 6:-जमींदारी विनाश के समय जो जमीनें खेती योग्य नहीं थीं उन्हें नॉन जेडए करार दे सरकार ने जमींदारों के नाम रहने दिया था और मालिकाना हक अपने पास रखा। इन्हीं में से कुछ जमीनों को बाद में लगान के आधार पर विभिन्न श्रेणियों में बांटकर काश्तकारों को उपयोग हेतु दे दिया। जिसमें श्रेणी 6 में दर्ज जमीन जिन काश्तकारों पर थीं उन्हें उस जमीन की बिक्री का अधिकार नहीं है। जमींदार व उनके वारिस न होने की दशा में नॉन जेडए जमीनों का मालिकाना हक सरकार का होता है।
समिति के 31 केंद्र हैं अलीगढ में:-क्षेत्रीय श्रीगांधी आश्रम समिति के अलीगढ में 19 उत्पादन केंद्र हैं। 12 बिक्री भंडार हैं, उनमें से कुछ ही दुकान बिक्री समिति के बिक्री भंडार के रूप में इस्तेमाल हो रहीं हैं, शेष सभी किराए पर हैं। इनको लेकर भी तमाम चर्चाएं हैं।
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