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ईरान-फ्रांस की फिल्में देखेंगे छात्र

Tue, 15 Mar 2016 02:39 AM IST
अलीगढ़/ब्यूरो
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छात्र
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 एएमयू कल्चरल एजूकेशन सेंटर के फिल्म क्लब द्वारा आयोजित ‘फिल्म साज 2016’ में 102 देशों की करीब 1750 फिल्मों की इंट्री हुई है। इसे अब तक का सर्वाधिक सफल आयोजन माना जा रहा है। तीन दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ सोमवार को यूनिवर्सिटी पालीटेक्निक में फिल्म मेकर काशिफ अहमद एवं एनडी टीवी इंडिया के सीनियर प्रोड्यूसर राजीव सिन्हा ने किया। इस बार देश के विभिन्न शहरों से 300 फिल्मों की इंट्री आई है। जबकि यूएसए से 181, ईरान से 107, फ्रांस से 93 और ईटली से 91 फिल्में आई हैं।
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महोत्सव में स्पेन, पाकिस्तान, ब्राजील, रूस, आयरलैंड, इजिप्ट, कनाडा, तुर्की आदि देशों की फिल्में भी प्रदर्शित होंगीं। पहली बार 102 देशों से 1750 फिल्मों की इंट्री हुई है। यह रिकार्ड है। फिल्म क्लब के अध्यक्ष डॉ. फारूक अहमद डार ने बताया कि 16 मार्च को समापन समारोह में फिल्म निर्देशक शशिकांत कामत आएंगे। उद्घाटन समारोह में सीईसी के समन्वयक प्रो. एफए शीरानी, टीवी कलाकार अफरोज खान आदि मौजूद थे।
‘डरना नहीं डटना है’
तीन दिवसीय फिल्म साज के पहले दिन नेशनल मूवी दिखाई गई। इसमें अमान कासिम की रोशनी की खूब चर्चा रही। इसके अतिरिक्त रफियन्स को भी दिखाया गया। इसमें एएमयू वीसी जमीरउद्दीन शाह के पुत्र मेजर अली शाह मुख्य किरदार में हैं। फिल्म को लेकर मेजर अली शाह पहले ही कई पुरस्कार जीत चुके हैं। फिल्म रोशनी महिला सशक्तिकरण पर आधारित है। इसकी खासियत यह है कि मुख्य किरदार सविता वास्तविक जीवन में भी कैंसर से पीड़ित हैं। वह महिलाओं को ‘डरना नहीं डटना है’ का संदेश देती हैं।
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