एएमयू के सीनियर सेकेंडरी स्कूल (ब्वॉयज) में फर्जी कागज के सहारे नौकरी लेने वाले पूर्व प्रधानाचार्य एसएम मुस्तफा के मामले में इंतजामिया ने दो सदस्यीय जांच कमेटी बना दी है। कमेटी एक महीने में रिपोर्ट देगी। मुस्तफा पर फर्जी कागज लगाने का आरोप लगा था। इसकी शिकायत प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री, यूजीसी, कुलपति, रजिस्ट्रार से की जा चुकी है।
एसएम मुस्तफा ने 5 मार्च 2013 में एएमयू के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में प्रधानाचार्य पद के लिए आवेदन किया था। जिसमें ब्वॉयज हाईस्कूल एंड कॉलेज इलाहाबाद (प्रयागराज) में वर्तमान समय में एनसीसी आफिसर व प्रवक्ता कॉमर्स भरा था। आरोप है कि उन्हें ब्वॉयज हाईस्कूल एंड कॉलेज की इलाहाबाद हाईस्कूल सोसाइटी ने 27 जून 2011 को बैठक करके प्रबंधन के खिलाफ गतिविधियों में संलिप्त होने के चलते बर्खास्त कर दिया था। इसी स्कूल से 11 मार्च 2013 से एनओसी लेकर एएमयू के आवेदन फॉर्म में संलग्न कर दिया। उन्होंने आवेदन फॉर्म में वेतन 50,238 रुपये दर्शाया था, जिसमें 22, 876 रुपये बेसिक था, जबकि स्कूल के पे स्लिप के अनुसार, कुल वेतन 29,439 हजार रुपये और बेसिक 11,700 रुपये था। जांच कमेटी में पूर्व परीक्षा नियंत्रक प्रो. एसएमए रिजवी व पूर्व पीवीसी प्रो. जहीर उद्दीन हैं।