कस्बे के दो अलग-अलग मोहल्लों में एक ही नाम और पिता के नाम के चलते में पुलिस ने निर्दोष युवक को गिरफ्तार कर लिया। युवक ने पुलिस से गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। जब न्यायालय के समक्ष युवक ने खुद के निर्दोष होने के प्रमाण पेश किए, तो न्यायालय ने युवक को रिहा कर इस गलती के लिए पुलिस को फटकार लगाई और असल वारंटी को गिरफ्तार कर लाने के निर्देश दिए।
बता दें कि वर्ष 1998 की एक घटना में वारंटी चल रहे रिंकू पुत्र महेंद्र सिंह निवासी मोहल्ला बोहरान के बजाय पुलिस ने अहीरपाड़ा के रिंकू पुत्र महेंद्र सिंह को 15 मार्च दोपहर गिरफ्तार कर लिया था जिसे न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां युवक ने गुहार लगाते हुए खुद बेकसूर बताते हुए इस मुकद्दमे से किसी प्रकार का संबंध न होना करार दिया।
युवक का तर्क था कि घटना 1998 की है जबकि उसका जन्म घटना के दो साल बाद का है। तर्कसंगत साक्ष्य के आधार पर युवक को न्यायालय से रिहा कर दिया गया और वास्तविक वारंटी की गिरफ्तारी के आदेश दिए गए। इस मामले में थानाध्यक्ष रवि चंद्रवाल ने बताया कि पकड़ा गया युवक और वारंटी का नाम व पिता का नाम समान था, केवल मोहल्ले का अंतर था। पुलिस में वारंट में दर्ज पते के आधार पर गिरफ्तारी की थी। अब असल वारंटी की तलाश की जा रही है।