एएमयू में आयोजित सेमिनार में बोलते प्रो. विलियम ब्रुस्टीन व अन्य।
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एएमयू में नैैनोटेक्नालॉजी पर आयोजित चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए अमेरिका की ओहायो स्टेट यूनीवर्सिटी के वाइस प्रवोस्ट प्रो विलियम ब्रुस्टीन ने कहा कि इक्कीसवी शताब्दी की चुनौतियों को स्वीकार करने के लिए भारत और अमरीका के बीच शिक्षा और शोध के कामों को बढ़ावा देना होगा।
उन्होंने कहा कि अमरीका की ओहायो स्टेट यूनीवर्सिटी ने एएमयू से एक करार भी किया है।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते एएमयू के वीसी ने कहा कि भारत में एक नई हरित क्रांति का नेतृत्व एएमयू प्रदान करेगा। जनरल शाह ने कहा कि देश के समस्त विश्वविद्यालयों में एएमयू का नैनोटैक्नालॉजी का केंद्र इस दिशा में सबसे ज्यादा काम कर रहा है।
संप्राश फूड के निदेशक प्रो अशोक कुमार ने कहा कि नेनोटैक्नोलॉजी के विकास के साथ लोगों की आवश्यकताएं भी बढ़ रही हैं। एएमयू सहकुलपति ब्रिगेडियर एस अहमद अली ने कहा कि जिस प्रकार 1960 के दशक में ट्रांजिस्टर और 1980 के दशक में लेजर परिवर्तन लेकर आया उसी प्रकार आज के समय में नैनो टेक्नालॉजी सबसे बड़ा परिवर्तन लेकर आ रही है।
ओएसयू के प्रो. अनिल प्रधान ने कहा कि एएमयू ओसयू स्टेम प्रोग्राम विश्वस्तरीय वैज्ञानिक पैदा करने के लिए बनाया गया। प्रो. के इरविंग ने कहा कि इस प्रोग्राम के चलते हुए और अधिक विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग पर समझौता हो सकता है।
कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर डॉ. एसएस जेड अशरफ, डॉ ब्रजराज सिंह, डॉ अजरा परवीन, डॉ असद अली, डॉ जफ रूल हसन और प्रो असदउल्लाह खान के अलावा डॉ वसी खान अतिथियों का परिचय कराया। डॉ शकील खान ने आभार जताया। स्वालेहा नसीम और फरहीन ने कार्यक्रम का संचालन किया।