एआरटीओ प्रशासन के साथ हुई अभद्रता को लेकर बन्नादेवी थाने पहुंचे आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन।
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संभागीय परिवहन कार्यालय में रजिस्ट्रेशन के लिए आई एंबुलेंस को लेकर एआरटीओ प्रशासन और दलाल के बीच जमकर हाथापाई हो गई। यह घटनाक्रम उस समय हुआ जब एक ब्लैक लिस्ट की गई एंबुलेंस के संचालन की अनुमति न देने पर दलाल ने पहले एआरटीओ प्रशासन पर दबाव बनाया। इस मामले में एआरटीओ ने थाना बन्नादेवी में मुकदमा दर्ज करकर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
एआरटीओ प्रशासन प्रवेश कुमार यादव के अनुसार मंगलवार दोपहर तीन बजे करीब उनके कार्यालय में भूपेंद्र सिंह निवासी सिंधौली पहुंचा। जिसकी इसी एंबुलेंस को पिछले दिनों तत्कालीन एआरटीओ द्वारा नियमविरुद्ध संचालित पाए जाने पर ब्लैक लिस्ट कर दिया। वह उसी को फिर से संचालित कराने की अनुमति देने को दबाव बनाने लगा, गाली-गलौज की और अभद्रता करने के साथ -साथ हमलावर हो गया। कार्यालय में हंगामे की खबर पर आरटीओ प्रवर्तन फरीदउद्दीन तथा अन्य कर्मचारी भी पहुंच गए। इस बीच हमलावर वहां से भाग गया। एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि आरोपी भूपेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
विवादों से रहा है पुराना नाता
आरोपी भूपेंद्र का आरटीओ में विवादों से पुराना नाता रहा है। वर्ष 2020 में कार्यालय के तत्कालीन प्रधान सहायक प्रदीप अग्रवाल पर भी एक वाहन के मामले में हमलावर होकर तमंचा तानने का आरोप है । यह प्रकरण कोर्ट में विचाराधीन है। आरटीओ कार्यालय के बाहर आरोपी भूपेंद्र पर 2020 में भी जानलेवा हमला हुआ था। इस हमले में बस संचालक राम किशन निवासी गांधीपार्क की गोली लगने से मौत हो गई थी। एक गोली भूपेंद्र की टांग में लगी थी। बिजली विभाग के जेई को भी बंधक बनाकर पीटने और पुलिसकर्मी के परिवार पर हमले का भी आरोप है।