राजनीतिक दलों के साथ की बैठक करते जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह।
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डीएम विक्रम सिंह ने शुक्रवार को नगरीय निकाय सामान्य निर्वाचन के लिए मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में राजनैतिक दलों से जुड़े पदाधिकारियों के साथ बैठक ली। इस दौरान उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग से प्राप्त विभिन्न निर्देशों के संबंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान के लिए आवश्यक है कि मतदाता सूची त्रुटिविहीन हो। यह उपयुक्त समय है जब राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने, घटाने एवं संशोधन के लिए तिथियों का निर्धारण कर दिया गया है। नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों में सात नवंबर तक एवं नगर निगम क्षेत्र में 12 नवंबर तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके बाद कोई भी दावा एवं आपत्ति स्वीकार नहीं की जाएगी। दावे एवं आपत्तियों का निस्तारण करने के पश्चात 18 नवंबर को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया जाएगा।
डीएम ने राजनैतिक दलों के पदाधिकारियों से कहा कि वह अपने बीएलओ तैनात कर लें। जिला प्रशासन द्वारा आवश्यकता से कहीं अधिक बीएलओ की तैनाती की गई है, जो घर-घर जाकर दावे एवं आपत्तियां प्राप्त कर मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य कर रहे हैं। जन सामान्य की सुविधा के लिए बूथों पर पदाभिहीत अधिकारियों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही दावे एवं आपत्तियों को नगर निगम में बनाए गए विशेष काउंटर पर भी दे सकते हैं। इस दौरान राजनैतिक दलों से जुड़े पदाधिकारियों ने मतदाता सूची में गड़बड़ी एवं सैकड़ों मतदाताओं के नाम गायब हो जाने, वार्ड आदि बदल जाने, बीएलओ के ड्यूटी से नदारद रहने आदि की शिकायतें की, जिस पर डीएम ने कहा कि मतदाताओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। इस मौके पर सीडीओ अंकित खंडेलवाल, सभी एसडीएम के अलावा बीएसपी से अशोक सिंह एडवोकेट, कांग्रेस से नदीम गफूर, सीपीआईएम से इदरीश मुहम्मद, भाजपा से जितेंद्र वार्ष्णेय, वैभव गौतम, सीपीआई से इरफान अंसारी, आप से मोनिका थापर आदि जनप्रतिनिधि एवं पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।