जिला कारागार में निरुद्ध बंदियों के परिजनों से कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा फोन करके उनकी बीमारी की झूठी सूचना देकर उपचार एवं जांच आदि के नाम पर रुपये देने की मांग की जा रही है। इस तरह की शिकायतें जेल में निरुद्ध बंदियों ने जेल प्रशासन से की है। बंदियों के परिजनों से विभिन्न प्रकार के डिजिटल माध्यम गूगल पे, फोन पे, पेटीएम या फिर किसी बैंक खाते में पैसे भेजने की मांग की गई है।
इस पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने बंदियों के परिवारों से अपील की है कि वह किसी भी तरह की फर्जी फोन कॉल प्राप्त होने पर तत्काल इलाकाई पुलिस को सूचना दें। जिला कारागार में निरुद्ध किसी भी परिजन के स्वास्थ्य की जानकारी के लिए कारागार के मुख्य द्वार के फोन नंबर 0571-2406337 अथवा जेलर के मोबाइल नंबर 9454418185 एवं वरिष्ठ जेल अधीक्षक के मोबाइल नंबर 9454418184 पर संपर्क कर सकते हैं।
इसको लेकर वरिष्ठ जेल अधीक्षक बृजेंद्र कुमार यादव ने कहा है कि जिला कारागार में निरुद्ध प्रत्येक बंदी के उपचार के लिए जेल में एक चिकित्सालय है। वहां पर बीमार बंदियों को कारागार के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी के स्तर से नि:शुल्क इलाज एवं आवश्यकता पड़ने पर बेहतर इलाज के लिए बंदियों को जेल से बाहर जिला चिकित्सालय, जेएन मेडिकल कॉलेज भेजा जाता है।
यह इलाज पूरी तरह से नि:शुल्क होता है। किसी भी बंदी अथवा उसके परिजनों से इलाज के लिए कोई धनराशि नहीं ली जाती है। वरिष्ठ जेल अधीखक ने कहा कि किसी के बहकावे में न आएं। कारागार में बंदियों के लिए प्रदेश सरकार के मानक के अनुरूप इलाज की सुविधाएं उपलब्ध हैं। किसी बंदी के बीमार होने की दशा में जेल से बाहर चिकित्सालयों में इलाज के लिए भर्ती होने पर इसकी लिखित सूचना कारागार प्रशासन की ओर से बंदी के परिजनों को भेजी जाती है।