अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने अलीगढ़ सांसद सतीश गौतम द्वारा उनके ऊपर लगाये गये आरोपों का जवाब देते हुए कहा है कि उनकी भारतीय संविधान एवं सर्वोच्च न्यायालय में पूरी आस्था है और वह न्यायपालिका में दृढ़ विश्वास रखते हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री की विवेकशीलता एवं निष्पक्षता में भी पूरा विश्वास रखते हैं। उन्होंने कहा है कि अपने साक्षात्कार में उन्होंने कहा था कि देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों में जारी आंदोलन के बावजूद एएमयू कैंपस में किसी भी प्रकार की अराजकता उत्पपन्न नहीं हुई। हांलाकि उन्होंने यह आशंका व्यक्त की कि यदि अल्पसंख्यक चरित्र के खिलाफ कोई निर्णय आया तो इससे छात्रों में बेचैनी पैदा हो सकती है क्यों कि वह इस विषय से भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं। सांसद महोदय का यह कहना कि वह भारत के संवैधानिक ढ़ांचे अथवा सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों में विश्वास नहीं रखते, सरासर गलत व बेबुनियाद है। कुलपति ने कहा कि वह अमुवि के धर्मनिर्पेक्ष मूल्यों के पक्षधर हैं। कुलपति ने कहा है कि यह अफ सोस का विषय है कि संासद ने उनके उत्तर के बिना ही अपना पत्र मीडिया को जारी कर दिया और उन पर कट्टरपंथी चरित्र प्रस्तुत करने के अनर्गल आरोप गढ़ दिये। जनरल शाह ने कहा कि उनके शहर से बाहर होने के कारण वह उनके पत्र का शीघ्र उत्तर नहीं दे सके। कुलपति जनरल शाह ने सांसद को लिखे जवाबी पत्र में कहा कि वह हमेशा से धर्म निरपेक्ष मूल्यों के पक्षधर रहे हैं और उन्होंने हर प्रकार की कट्टरता का विरोध किया है। इसका उदाहरण उनकी भारतीय सेवा में 40 वर्षीय सेवाकाल है, जिसमें उन्होंने आधुनिकता और संतुलित विचारधारा को सदा सर्वोपरि रखा है।