एडीजे प्रथम संजीव कुमार सिंह की अदालत ने चंडौस थाना क्षेत्र में करीब आठ साल पहले हुई महिला की दहेज हत्या के मामले में पति व सास-ससुर को दोषी ठहराया है। अदालत ने आरोपी पति को 10 साल एवं सास-ससुर को सात-सात साल के कारावास की सजा सुनाई है।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी अमर सिंह तोमर ने बताया कि 11 मई 2016 को यह घटना हुई थी। वादी तौहीद निवासी गांव पहाड़ीपुर, थाना सिकंदराराऊ हाथरस ने मुकदमा दर्ज कराया था। तौहीद ने बताया कि जून 2014 में अपनी बहन फरजाना का निकाह अकरम निवासी गांव अंजना रामपुर-शाहपुर चंडौस के साथ किया था । इसमें अपनी हैसियत के अनुसार दान-दहेज दिया गया। फिर भी ससुरीलाजन संतुष्ट नहीं थे। अकरम नोएडा में ठेकेदारी करता था। इसलिए उसने निकाह के बाद अतिरिक्त दहेज में दो लाख रुपये की मांग शुरू कर दी। ससुरालीजन भी फरजाना को प्रताड़ित करने लगे । घटना से आठ दिन पहले अकरम ने फरजाना को बाइक पर बिठाया और दादरी के पास नेशनल हाईवे पर बाइक से गिरा दिया था, जिससे उसे काफी चोट आई।
वहीं, घटना वाले दिन सुबह चार बजे ससुरालियों ने फरजाना पर मिट्टी का तेल उडेल दिया । शौहर अकरम ने आग लगा दी। फरजाना को गंभीर हालत में जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। जहां 21 मई को फरजाना ने दम तोड़ दिया। फरजाना ने मृत्यु पूर्व बयान भी दिए थे। पुलिस ने अकरम के अलावा फरजाना के ससुर जब्बार खां व सास बिलकिस के खिलाफ दहेज हत्या की धारा में चार्जशीट लगाई। अदालत ने साक्ष्यों व गवाहों के बयानों के आधार पर शौहर अकरम को 10 साल, सास बिलकिस व ससुर जब्बार की उम्र अधिक होने के चलते सात-सात साल की सजा सुनाई है। तीनों आरोपियों पर पांच पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।