महानगर के सासनी गेट पंच नगरी के प्रोफेसर, उसकी मां व भाई को दहेज हत्या में सजा सुनाई गई है। मिशन शक्ति अभियान के तहत यह फैसला एडीजे-5 ऋषि कुमार की अदालत से सुनाया गया है।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी रविकांत शर्मा के अनुसार घटना 16 फरवरी 2019 की है। वादी मुकदमा सत्यवीर सिंह ने सासनी गेट थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उन्होंने अपनी बहन मनोरमा की शादी 29 अप्रैल 2018 को पंच नगरी के कुलदीप संग की थी। पेशे से प्रोफेसर कुलदीप को 20 लाख रुपये नकद, जेवरात आदि दहेज दिया गया, मगर शादी के बाद दहेज में कार व 200 वर्गगज के प्लाट की मांग को लेकर मनोरमा का उत्पीड़न किया जाने लगा।
घटना वाले दिन खुद पुलिस ने उन्हें बताया कि उनकी बहन को मार दिया गया है, जब वह मौके पर पहुंचे। पोस्टमार्टम में फंदा लगाकर हत्या किया जाना उजागर हुआ। मुकदमे में पति के अलावा सास गायत्री, देवर गोपाल को नामजद किया गया। न्यायालय में चार्जशीट के आधार पर सत्र परीक्षण में तीनों को दहेज हत्या का दोषी मानते हुए 7-7 वर्ष सजा व 20-20 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।
एसीजेएम-द्वितीय नरेश कुमार दिवाकर की अदालत से मारपीट हमले के दोषी को चार वर्ष कैद व तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
अभियोजन अधिकारी प्रीती यादव के अनुसार घटना 18 दिसंबर 2001 की देर शाम की है। सराय हरनारायण के रामनिवास ने सासनी गेट में मुकदमा दर्ज कराया था कि उनके साथी दिनेश शर्मा आदि दावत खाकर लौट रहे थे। तभी नामजद चंद्रमोहन आदि ने उन पर हमला बोल दिया। इस दौरान जमकर पीटा गया, तमंचे की बटों से भी चोट पहुंचाई गईं। इस मुकदमे में पुलिस ने चार्जशीट दायर कर दी। जिसके आधार पर न्यायालय में साक्ष्यों व गवाही के चलते चंद्र मोहन को दोषी करार दिया गया। मामले में चार वर्ष कैद व तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है। ब्यूरो