गंगीरी क्षेत्र के नगला हिमाचल में चार वर्ष पूर्व दहेज के लिए विवाहिता की हत्या के दोषी पति को दस वर्ष कैद व जुर्माने से दंडित किया है। यह फैसला एडीजे-15 अनुपम सिंह की कोर्ट से सुनाया गया है। इस दौरान साक्ष्यों के अभाव में ससुर को बरी किया गया है।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी प्रमेंद्र कुमार जैन के अनुसार घटना 6 अगस्त 2019 की रात की है। वादी मुकदमा नगला हिमाचल के रणवीर सिंह ने मुकदमा दर्ज कराया कि उन्होंने अपनी बेटी सीमा की शादी 2015 में नगलिया जाहर दादों के रवि कुमार संग की थी। शादी के बाद ससुराली उससे दहेज में एक लाख रुपये, एक भैंस व सोने की जंजीर और अंगूठी मांगते थे। घटना से एक माह पहले सीमा अपने पति के साथ मायके आ गई। यहीं रहने लगी। पति यहां डॉक्टर का पेशा करने लगा।
घटना वाली रात रवि ने अपने पिता विजेंद्र व भाई सतीश को बुला लिया। रात को अकेले में पहले साजिश रचकर आरोपी पति ने सीमा को बीमारी के नाम पर इंजेक्शन लगाकर बेहोश किया। इसके बाद जला दिया। सीमा की चीख पर उसकी मां व बहन पहुंची तो आरोपी भाग गए। बाद में सीमा की मौत हो गई। मामले में तीनों पर मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस विवेचना में जेठ को बरी किया गया। वहीं न्यायालय में साक्ष्यों व गवाही के आधार पर ससुर को बरी किया गया है और पति को दस वर्ष कैद व जुर्माने से दंडित किया है।
कई मामलों में जमानत अर्जी खारिज
सत्र न्यायाधीश डॉ.बब्बू सारंग की अदालत से कई मामलों में जमानत खारिज की गई हैं। डीजीसी फौजदारी चौ.जितेंद्र सिंह के अनुसार राहुल जैथरा एटा की अपहरण में, मुन्नन उर्फ परवीन जीवनगढ़ की दहेज हत्या में, बल्देव पालीमुकीमपुर की लूट में और हारिस उर्फ चीनी शेखान कोतवाली की हमले के मुकदमे में जमानत खारिज की गई है।