अतरौली के योगेश ने आरोप लगाया कि उसने अपनी बहन सरस्वती की शादी 13 मार्च 2019 को जामुनका के राजू संग की थी। शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए तंग किया जाने लगा। 22 मई 2019 को उसके साथ मारपीट की गई। उसने खुद फोन पर यह कहते हुए सूचना दी कि उसे बचा लो, ये लोग मार देंगे। कुछ देर बाद खबर मिली कि बहन को मार दिया गया। मामले में अदालत ने आरोपी पति को दोषी मानते हुए उसे उम्रकैद की सजा सुनाई है।
अलीगढ़ में चंडौस क्षेत्र के गांव जामुनका में साल 2019 में विवाहिता की दहेज के लिए हत्या के मामले में दोषी पति को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह फैसला मिशन शक्ति अभियान के तहत एडीजे-12 सिद्धार्थ सिंह की अदालत ने सुनाया गया है। खास बात यह है कि शादी के ढाई महीने बाद ही विवाहिता को दहेज के लिए गला दबाकर मारा गया था।
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अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी प्रमेंद्र जैन के अनुसार, घटना 22 मई 2019 की है। मुकदमा दर्ज कराते हुए वादी जुझरका, अतरौली के योगेश ने आरोप लगाया कि उसने अपनी बहन सरस्वती की शादी 13 मार्च 2019 को जामुनका के राजू संग की थी। शादी के बाद से ही उसे दहेज के लिए तंग किया जाने लगा। 22 मई 2019 को उसके साथ मारपीट की गई। उसने खुद फोन पर यह कहते हुए सूचना दी कि उसे बचा लो, ये लोग मार देंगे।
कुछ देर बाद खबर मिली कि बहन को मार दिया गया। इस मामले में पति सहित आठ ससुरालियों पर मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस स्तर से राजू व सास चंद्रवती के खिलाफ चार्जशीट दायर की गई। सत्र परीक्षण के दौरान अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर पति राजू को दोषी करार दिया है, जबकि सास को बरी किया गया है। अदालत ने राजू को उम्रकैद व 20 हजार रुपये जुर्माने से दंडित किया है।