अलीगढ़ में रोरावर के माबूद नगर में पाक रमजान माह में पति द्वारा पत्नी के कत्ल की दास्तान सुन हर कोई हैरान था। तीन बेटियों में सबसे बड़ी करीब 8 वर्ष की है, जबकि उससे छोटी 5 वर्ष की और सबसे छोटी गोद में है। बड़ी बेटी ने अपनी सबसे छोटी बहन को गोद में लिए रोते हुए पूरा घटनाक्रम बताया तो सभी सिहर उठे। बताया कि दुकान बंद कर अब्बू तरावीह पढ़कर घर आए थे। इसके बाद मीट न लाने पर झगड़ा हो गया।
इधर, पड़ोस के मोहल्ले में रहने वाली मृत गुड्डो की बुआ रुकसाना को जब भतीजी की हत्या की खबर मिली तो वह बिलखते हुए मौके पर पहुंची। मगर तब तक भतीजी खून से लथपथ पड़ी थी। जिसे देख बुआ बदहवास हो गई। किसी तरह उसे लोगों ने संभाला। बाद में वह तीनों बच्चियों को सीने से लगाए बैठी रही।
बेटी को साथ न ले जाने का रहेगा रंज
पिता जहीर ने बताया कि छह दिन पहले वह बेटी की ससुराल ईदी देने आए थे। उस समय बेटी ने ईद पर साथ चलने को कहा था। यह भी इशारा किया था कि पिछले कुछ दिन से दंपती में झगड़ा चल रहा है। इस पर पिता ने ही दलील दी कि ईद ससुराल में ही मनाते हैं। इसके बाद मायके आ जाना।
मगर उन्हें क्या पता था कि ऐसा हो जाएगा। अगर जरा भी अंदेशा होता तो बेटी को यहां न छोड़ते। इधर, तीन बेटियां नाबिया, सोफिया, उमरा का मां की मौत के बाद हाल बेहाल था। जिन्हें पोस्टमार्टम के बाद नाना-नानी अपने साथ ले गए। शव को भी पोस्टमार्टम के बाद मायके पक्ष के लोग साथ ले गए।