अलीगढ़ में देहली गेट क्षेत्र के इंदिरा नगर गली नंबर 9 में रविवार सुबह सुबह शार्ट सर्किट से घर में आग लग गई। दुर्घटना में गृह स्वामी की पत्नी व दो बेटियां बुरी तरह झुलस गईं। इनमें से महिला की जेएन मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई, जबकि दोनों बच्चियों को नाजुक हालत में दिल्ली रेफर किया गया है। बताया गया है कि मृतक ऊषा का आज जन्मदिन भी था। जिसकी तैयारियों में परिवार जुटा हुआ था।
घटना सुबह करीब 9 बजे का है। घर के एक हिस्से में ढलाई की भट्ठी चलाने वाले प्रेमशंकर राघव की 35 वर्षीय पत्नी ऊषा ने खुद व अपनी दो बेटियों क्रमश: 12 वर्षीय कशिश व 8 वर्षीय याशिका को नहलाने के लिए पानी की मोटर चालू की। इस दौरान पति, सास व बेटा सहित परिवार के अधिकांश सदस्य भट्ठी वाले हिस्से में मौजूद थे।
इसी बीच मोटर की आपूर्ति वाले विद्युत तार में अचानक शार्ट सर्किट से स्पार्क हुआ और घर के पहले माले वाले कमरे में आग लग गई। कुछ ही देर में कमरे में रखा सामान जल गया। जब तक परिवार के लोगों का इस ओर ध्यान जाता, तब तक आग में ऊषा व दोनों बेटियां घिर गईं। इस दौरान चीख पुकार व शोरशराबे पर आसपास के लोग जमा हो गए। आग बुझाने व तीनों को बचाने के प्रयास होने लगे। खबर पर देहली गेट पुलिस के साथ-साथ दमकल भी पहुंच गई।
किसी तरह आधा घंटे के प्रयास के बाद आग को नियंत्रित कर तीनों को बाहर निकाला गया, मगर तब तक तीनों बुरी तरह झुलस गई थीं। तीनों को पहले जिला अस्पताल और फिर जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां महिला ऊषा को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि दोनों बच्चियों को बेहद नाजुक अवस्था में दिल्ली रेफर कर दिया गया। जहां से दोनों को प्रेम शंकर दिल्ली ले गए, जबकि पुलिस ने ऊषा का शव पोस्टमार्टम कराने के बाद परिवार के सुपुर्द कर दिया। देर शाम शव के अंतिम संस्कार की तैयारियां चल रही थीं, जबकि दिल्ली में दोनों बच्चियों की हालत में सुधार नहीं बताया गया था।
घर में शार्ट सर्किट से आग लगी थी। जिसे दमकलों की मदद से काबू पाया गया। मगर इस आग में परिवार की एक महिला की जलने से मौत हो गई, जबकि दो बच्चियों की हालत नाजुक है। जिन्हें दिल्ली ले जाया गया है।
-अशोक कुमार सिंह, सीओ प्रथम