न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिलाधिकारी अर्चना वर्मा ने मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मुरसान और विकास खंड कार्यालय मुरसान का निरीक्षण किया। अनुपस्थित मिले कर्मचारियों का एक दिन का वेतन रोकने हुए स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान डॉ. रिचा कालरा, डॉ.चंद्रवीर सिंह, कमलेश सारस्वत वरिष्ठ सहायक अनुपस्थित मिले। डीएम ने स्वास्थ्य केंद्र पर आने वाले मरीजों के बारे में जानकारी ली। सीएचसी प्रभारी डॉ. विकर्ण सिंह ने बताया कि सोमवार को ओपीडी में 240 मरीजों का इलाज किया गया था।
मंगलवार को 43 मरीजों ने पर्चा बनवा लिया है, जिसमें सर्दी, जुखाम, बुखार, खुजली आदि से जुड़ी बीमारियों के मरीजों की संख्या अधिक थी। प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत गर्भवती महिलाओं को आशा कार्यकर्ताओं द्वारा नियमित रूप से होने वाली जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्र पर लाया जा रहा है।
डीएम ने मरीजों से स्वास्थ्य केंद्र द्वारा दी जा रही दवाओं व स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में जानकारी ली। प्रसव कक्ष के निरीक्षण में स्टाफ नर्स ने बताया कि कल सोमवार को एक महिला को भर्ती किया गया था, जो प्रसव के उपरांत अपने घर चली गई। डीएम ने नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रसव के उपरांत किसी भी मरीज को 48 घंटे बाद ही घर भेजा जाए।
सीएचसी प्रभारी ने डीएम को बताया कि वर्तमान में अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था स्वास्थ्य केंद्र पर नहीं है। एटीएम मशीन लगी हुई है। इस मशीन के द्वारा 40 प्रकार की जांच की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन यह मशीन अभी कार्यरत नहीं है। ब्लॉक कार्यालय पर अनुपस्थित मिले मुकेश कुमार, सोमेंद्र शर्मा, देवेंद्र सिंह, विशाल कुमार, कुलदीप सिंह आदि का एक-दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं।
डीएम ने कार्यालय में उपस्थित सुभाषचंद्र शर्मा से जब मनरेगा कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका को प्रस्तुत करने के लिए कहा तो उन्होंने बताया कि कार्यालय में उपस्थित पंजिका संबंधित कर्मचारी की अलमारी में रखी हुई है। इस पर डीएम ने नाराजगी जताई। संवाद